हरियाणा के नूंह में जलाभिषेक यात्रा; बार्डर सील, चप्पे-चप्पे पर पहरा, संतों ने किया मंदिर में जलाभिषेक

Nuh Violence: विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के आह्वान पर यहां आज की जलाभिषेक यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। प्रशासन ने पूर्व की घटना से सबक लेते हुए जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया है।
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नूंह (हरियाणा), हि.स.। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के आह्वान पर यहां आज की जलाभिषेक यात्रा को लेकर प्रशासन का दम फूला हुआ है। प्रशासन ने पूर्व की घटना से सबक लेते हुए जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया है। इंटरनेट सेवा शनिवार दोपहर से ही बंद की जा चुकी है। जिले में एहतियातन निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू है। नल्हड़ मंदिर के आसपास सुरक्षा चक्र सुदृढ़ किया गया है। सुबह पुलिस के साये में साधु-संतों के एक समूह ने नल्हेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 57 स्पेशल ड्यूटी मजिस्ट्रट नियुक्त

उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा है कि 28 अगस्त की संभावित जलाभिषेक यात्रा के मद्देनजर सख्त व्यवस्था की गई है। यात्रा में शामिल लोगों को सीमा पर ही रोक लिया जाएगा। जिले की सभी सीमाओं को रविवार शाम से ही सील किया जा चुका है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 57 स्पेशल ड्यूटी मजिस्ट्रट नियुक्त किए गए हैं। आज सुबह 11 बजे अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में फरीदबाद के मंडलायुक्त विकास यादव के अलावा 31 जुलाई से ही नूंह में कैंप कर रहीं एडीजीपी ममता सिंह, नोडल ऑफिसर अजीत बालाजी जोशी और पुलिस अधीक्षक नरेंद बिजारणियां सहित कई अधिकारी शामिल होंगे।

यात्रा के चलते जिले में धारा 144 लागू

अधिकारियों के मुताबिक हरियाणा पुलिस ने नूंह में सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं। संवेदनशील इलाकों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है। जिले की सारी सीमाओं को 27 अगस्त को सील किया जा चुका है। हरियाणा के दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से सटे बॉर्डर भी सील हैं। जिले की सीमाओं पर पुलिस के अलावा आरएएफ, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों के जवानों तैनात किया गया है। सभी शिक्षण संस्थाओं में 28 अगस्त को छुट्टी घोषित की गई है। बैंक भी बंद रहेंगे। बॉर्डर एरिया में पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान तैनात किए गए हैं। रविवार को जिले के गांवों की मस्जिदों से मुनादी कराई गई है कि सोमवार को यात्रा के चलते मुस्लिम समुदाय के लोग अपने घरों से बाहर न निकलें। गांवों में भी किसी जगह पर चार से अधिक लोग इकट्ठे न हों। कोई भी अपने गांव से बाहर न जाए।

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