नई दिल्ली, रफ्तर डेस्क। शुक्रवार देर रात हरियाणा में एक हासदा हो गया। अधिकारियों के अनुसार कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई, साथ ही हादसे में कई अन्य घायल हो गए। श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृन्दावन की तीर्थयात्रा से लौट रहे थे जब नूंह के पास बस में आग लग गई।
कौन-कौन था बस में सवार
जानकारी के अनुसार बस में एक ही परिवार के 60 से ज्यादा लोग सवार थे। सवार यात्रियों में महिला और बच्चे भी सवार थे। बता दें कि बस में सवार सभी यात्रि पंजाब के रहने वाले थे।
कितने बजे हुआ हादसा
हादसे में जिंदा बचे लोगों ने बताया कि उन्हें शनिवार रात 1.30 पर बस में कुछ जलने की महक आई। जानकारी के अनुसार एक मोटरसाइकिल सवार ने बस के पीछे आग की लपटें देखीं और बस का पीछा किया। बाद में उसने बस चालक को चेतावनी दी और आग लगने की बात बताई। जिसके बाद बस को रोक दिया गया। जैसे ही बस रुकी, तुरंत पुलिस को हादसे की सूचना दी। जिसके बाद आग को बुझाया गया और लोगों को बचाया गया। जैसे ही दमकल मौके मौके पर पहुंची, आग को फौरन बुझाया गया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
क्या बोला जीवितो ने
जीवित बचे लोगों में से एक ने कहा कि हमने 10 दिनों के लिए पवित्र स्थलों की तीर्थ यात्रा पर जाने के लिए बस किराए पर ली थी। साथ ही बताया कि हम शुक्रवार रात को घर लौट रहे थे और जब हम सो रहे थे तो हमें जलने की महक आई। यात्री ने बताया कि पीछे से आ रहे एक मोटरसाइकिल सवार द्वारा ड्राइवर को आग लगने की सूचना दी गई जिसके बाद बस को रोका गया।
स्थानीय लोगों का दमकल विभाग पर आरोप
स्थानीय लोगों ने दमकल पर आरोप लगाते हुए कहा कि बस के पूरी तरह जलने के तीन घंटे बाद ही दमकल मौके पर पहुंची। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि हम बस के पीछे भागे और खिड़कियों को तोड़कर जितना संभव हो सका उतने लोगों को बाहर निकाला। साथ ही हमने पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन पुलिस ने आने में देरी कर दी।
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