Jamnagar: गिर गायों की देखभाल करने वाले धर्मेश को मिला गणतंत्र दिवस का निमंत्रण

Gujarat News: गौ संर्द्धन के क्षेत्र में अनूठा काम करने वाले जामनगर के धर्मेश भाई कारावदरा को केन्द्र सरकार ने 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस में अतिथि विशेष के रूप में आमंत्रण भेजा है।
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जामनगर, (हि.स.)। गौ संर्द्धन के क्षेत्र में अनूठा काम करने वाले जामनगर के गौशाला संचालक धर्मेश भाई कारावदरा को केन्द्र सरकार ने 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस में अतिथि विशेष के रूप में आमंत्रण भेजा है। धर्मेश को केन्द्र सरकार ने पहले भी उनके गौशाला संचालन की खासियत की वजह से गोपाल रत्न अवार्ड दिया था। गणतंत्र दिवस के आमंत्रण से उत्साहित धर्मेश भाई ने कहा कि गौसेवा का उन्हें श्रेष्ठतम फल मिला है।

धर्मेश करावदरा अपनी गौशाला में 250 गिर गायों की देखरेख करते हैं

जामनगर के मियात्रा गांव में सरिता गिर गौ संवर्द्धन केन्द्र के संस्थापक धर्मेश करावदरा अपनी गौशाला में 250 गिर गायों की देखरेख करते हैं। वे अपने परिवार के सदस्यों की तरह इन गायों की देखरेख करते हैं। गायों को गर्मी में परेशानी नहीं हो, इसके लिए 9 डिग्री कम तापमान करने के लिए विशेष शेड लगाए गए हैं।

गर्भवती गायों के लिए अलग व्यवस्था की गई है

गर्भवती गायों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इसमें उनके खानपान की विशेष व्यवस्था की जाती है, जिससे उन्हें भरपूर पोषण मिल सके। यहां तक कि गायों को मच्छर-मक्खी परेशान न करे, गौशाला में मॉस्किटो किलर मशीन का उपयोग किया जाता है। सभी गायों का अलग डाटा बैंक बनाया गया है। गौमूत्र एकत्रित करने के लिए 16 कुंड बनाए गए हैं। इसका उपयोग प्राकृतिक खेती में किया जाता है।

पुरखों की सम्पत्ति बेच कर गाय पालन के व्यवसाय से वे जुड़ गए

धर्मेश बताते हैं कि वे पोरबंदर के एक होटल में रूम ब्वॉय के रूप में काम करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। एक बार वे बीमार हुए तो पता चला कि मिलावटी दूध पीने से उनकी तबीयत खराब हुई है। इसके बाद उन्होंने घर में ही एक गाय रखने की बात सोची। इसके बाद उन्हें गाय के प्रति लगाव बढ़ता चला गया। पुरखों की सम्पत्ति बेच कर गाय पालन के व्यवसाय से वे जुड़ गए। केन्द्र सरकार ने उनके गाय पालन के तौर-तरीकों की सराहना की और उन्हें 2017 में गोपाल रत्न अवार्ड दिया। इससे उनका उत्साह बढ़ता चला गया। उनके कार्य को गति देने के लिए केन्द्र सरकार ने उन्हें दो करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की। इस गौशाला के जरिए वे दूध, घी, खाद, गौमूत्र बेचते हैं। इसके अलावा धूप, दीप, अगरबत्त्ती, पनीर आदि की भी बिक्री कर रहे हैं।

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