नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बोर्ड में कम किसी छात्र के अंक कम आ जाए तो पूरा परिवार परेशान हो जाता है। लेकिन गुजरात में 10वीं की टॉपर का परिवार उसके देहांत से बेहद दुखी है। दरअसल 11 मई को 10वीं की टॉपर हीर की ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई। हीर ने 10वीं बोर्ड में 99.70 फीसद अंक प्राप्त किए थे। जिसके बाद परिवार काफी खुश था, लेकिन ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनकी खुशी इतनी जल्दी छिन जाएगी। वह बड़े होकर डॉक्टर बनना चाहती थी और समाज के लिए कुछ करना चाहती थी। पर परिवार से फैसला किया है कि वह हीर के अंक दान करेंगा ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद हो सके। एक तरह से कहें तो कहीं न कहीं हीर मरने के बाद ज़िंदा रहेगी। हीर ने 10वीं कक्षा में गणित में 100 और साइंस में 94 अंक हासिल किए थे।
दुख के बाद आई थी खुशी
गुजरात के राजकोट की रहने वाली हीर को रिजल्ट आने से कुछ दिन पहले ही ब्रेन हैमरेज हुआ था। परिवार इस बात से काफी दुखी हुआ। लेकिन जब हीर का रिजल्ट घोषित हुआ और वो टॉपर बनी तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी। हीर कुछ दिन पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटी थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही उसे एक बार फिर सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इसके बाद पिता ने उसे राजकोट में ट्रस्ट द्वारा संचालित बीटी सवानी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन परिवार ने सोचा नहीं था कि वह उनका साथ इतनी जल्दी छोड़ कर चली जाएगी।
गंभीर हालत थी हीर की
अस्पताल की MRI रिपोर्ट में सामने आया था कि हीर का दिमाग 80 से 90 प्रतिशत फीसद काम नहीं कर रहा था। इसके बावजूद भी हीर ने गुजरात में टॉप किया। जानकारी के अनुसार हीर को सीसीयू में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने अपनी कोशिश पूरी की लेकिन वे हीर को बचाने में असफल रहे, जिसके बाद 15 मई को हीर ने दम तोड़ दिया। हीर की मौत के बाद परिवार ने मिसाल पेश करते हुए उसकी आंखों और शरीर को डोनेट करने का फैसला किया।
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