back to top
25.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Arunachal Pradesh: PM मोदी ने दुनिया की सबसे लंबी ट्विन-लेन सुरंग ‘सेला टनल’ का किया उद्घाटन, चीन को लगा झटका

Arunachal Pradesh News: अरुणाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दुनिया की सबसे लंबी ट्विन-लेन सुरंग 'सेला टनल' का उद्घाटन किया। यह परियोजना देश की रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देगी।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अरुणाचल प्रदेश के एक दिवसीय दौरे पर दुनिया की सबसे लंबी ट्विन-लेन सुरंग ‘सेला टनल’ का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह ईटानगर में हुआ। पीएम ने ‘विकसित भारत विकसित उत्तर पूर्व’ कार्यक्रम में भाग लिया। पीएम मोदी ने राज्य में 10,000 करोड़ रुपये की उन्नति योजना सहित कई अन्य विकास परियोजनाएं की भी सौगात दी।

सेला सुरंग की ये हैं खूबियां

सेला सुरंग 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और इसे सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा ₹825 करोड़ की लागत से बनाया गया है। इस परियोजना में दो सुरंगें शामिल हैं। पहला सुरंग 1,003 मीटर लंबी है और दूसरा सुरंग 2 1,595 मीटर की ट्विन-ट्यूब सुरंग है। इस परियोजना में 8.6 किमी लंबी दो सड़कें भी शामिल हैं। सुरंग को प्रति दिन 3,000 कारों और 2,000 ट्रकों की आवाजाही के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है, जिसकी अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटा है।

तवांग पहुंचने में अब होगी आसानी

यह सुरंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चीन की सीमा से लगे तवांग को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इससे तवांग की यात्रा का समय भी कम से कम 1 घंटे कम हो जाएगा। जिससे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास अग्रिम क्षेत्रों में हथियारों, सैनिकों और उपकरणों की तेजी से तैनाती हो सकेगी। सेला दर्रे के पास स्थित सुरंग की आवश्यकता थी क्योंकि भारी वर्षा के कारण बर्फबारी और भूस्खलन के कारण बालीपारा-चारीद्वार-तवांग मार्ग वर्ष की लंबी अवधि के लिए अक्सर बंद रहता है। इस परियोजना से चीन पहले से ही बौखलाया हुआ है।

सेला टनल रक्षा क्षेत्र को देगी बढ़ावा

कहा जाता है कि सेला टनल परियोजना न केवल देश की रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देगी बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी। इस परियोजना की नींव पीएम मोदी ने फरवरी 2019 में रखी थी। हालांकि, कोविड-19 महामारी सहित विभिन्न कारणों से काम में देरी होने के कारण अब इस परियोजना के पूरा होने से चीन के साथ अंतर को पाटने के उद्देश्य से भारत के सीमा बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित हुआ है।

खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

नेहरू-गांधी परिवार पर लगाए कॉम्प्रोमाइज के आरोप, कांग्रेस पर गरजे नितिन नबीन; कहा-‘एक समय था जब…’

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुधवार को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...