नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारत में कोविड-19 का एक नया वैरिएंट प्रवेश कर चुका है। इसमें कोरोना वायरस के दो नए सब-वैरिएंट KP.2 और KP.1 शामिल हैं। जिसको वैज्ञानिकों ने ‘FLiRT’ उपनाम दिया है। भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के आकड़ो के अनुसार देश में अभी तक कोविड-19 के कुल 324 मामले दर्ज हुए हैं। जो कि कोरोना वायरस के दो नए सब-वैरिएंट KP.2 और KP.1 के मामले हैं। इनमे KP.2 के 290 मामले और KP.1 के 34 मामले दर्ज किए गए हैं। KP.2 और KP.1 को ‘FLiRT’ उपनाम दिया गया है। इनको ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट JN.1 का वंशज बताया गया है। जिसने पिछले साल काफी आतंक फैलाया था।
भारत में से ‘FLiRT’ प्रभावित राज्य
भारत में जिन राज्यों में KP.2 के 290 मामले पाए गए हैं, उनमे महाराष्ट्र में 148 मामले, पश्चिम बंगाल में 36 मामले, गुजरात में 23 मामले, राजस्थान में 21 मामले, राजस्थान में 21 मामले, उत्तराखंड में 16 मामले, ओडिशा में 17 मामले, गोवा में 12 मामले, उत्तर प्रदेश में 8 मामले, कर्नाटक में 4 मामले, हरियाणा में 3 मामले, दिल्ली में 1 मामला और मध्य प्रदेश में 1 मामला शामिल है। वहीं देश में KP.1 के 34 मामले जिनराज्यों में सामने आये हैं, उनमे पश्चिम बंगाल में 23 मामले, महाराष्ट्र में 4 मामले, राजस्थान में 2 मामले, गुजरात में भी 2 मामले, उत्तराखंड में 1 मामला, हरियाणा में 1 मामला और गोवा में भी 1 मामला शामिल है।
यह खत्म होने वाली बीमारी नहीं: राजीव जयदेवन
नेशनल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के को-चेयरमेन राजीव जयदेवन ने कोविड को लेकर अपनी राय दी है कि यह खत्म होने वाली बीमारी नहीं है। यह किसी न किसी तरह से नया रूप धारण करके सामने आते रहेगी। चाहे यह बुखार, मलेरिया या किसी दूसरे रूप में सामने आए। उन्होंने KP.2 और KP.1 यानि FLiRT का जिक्र करे हुए कहा कि ये वैरिएंट अपने पूर्वज और अन्य ओमिक्रॉन वैरिएंट से आगे निकल चुके हैं। इनमे से KP.2 अधिक प्रभावशाली स्ट्रेन है जिसमे वैक्सीनेशन और पिछले संक्रमण से बनी इम्यूनिटी को भी चकमा देने की क्षमता नजर आ रही है।
डॉ. एम वली ने इसको लेकर न डरने की सलाह दी है
सर गंगा राम हॉस्पिटल के मेडिसिन डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. एम वली ने जानकारी दी है कि ‘FLiRT के लक्षण अन्य वैरिएंट की तरह ही है। जिसमे थकान, खरास , खांसी, ठंड लगना, मसल्स में दर्द, बुखार और स्वाद या गंध की कमी होना शामिल है। इन लक्षणों का अलग अलग होने का कारण FliRT KP.2 और JN.1 वैरिएंट से मिलकर बनना है, जिसमे कई म्यूटेशन होते हैं। जो इम्यूनिटी को चकमा देने की क्षमता रखते हैं। डॉ. एम वली ने इसको लेकर न डरने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि भारत को चिंता करने की जरुरत नहीं है। उन्होंने इसका कारण भारतीयों की इम्यूनिटी डेवलप होने को बताया है। डॉ. एम वली ने बताया कि अभी तक इसको लेकर किसी नई वैक्सीन लगाने की सिफारिश भी नहीं की गई है। FLiRT वैरिएंट के बारे में रिसर्च की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि यह किसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
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