नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। संसद में लगातार मणिपुर मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच वार-पलटवार का खेल चल रहा है। विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर संसद में लगातार हंगामा कर रहा है। विपक्ष की मांग है कि प्रधानमंत्री सदन के अंदर मणिपुर के मुद्दे पर बयान दें। इस बीच बुधवार (26 जुलाई) को विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने स्वीकार कर लिया है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा है सभी दलों से बातचीत के बाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए समय तय करेंगे।
विपक्षी सांसदों का ऐलान सदन में पहनेगें काले कपड़े
विपक्ष के बढ़ते गतिरोध के बाद आज (गुरुवार) विपक्षी सांसदों ने ऐलान किया है कि वे मणिपुर के मुद्दे पर विरोध जताने के लिए सदन में काले कपड़े पहनकर आएंगे। कांग्रेस ने अपने राज्यसभा सदस्यों को 27 जुलाई को संसद में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। आम आदमी पार्टी ने भी राज्यसभा सांसदों को 27 और 28 जुलाई को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है।
I.N.D.I.A की तरफ से आया है अविश्वास प्रस्ताव : मनीष तिवारी
आपको बता दें अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने पेश किया है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बताया कि ये कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव नहीं है, बल्कि यह इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A) के घटक दलों की तरफ से लाया गया है। नियम के अनुसार प्रस्ताव पर 10 दिनों के भीतर चर्चा होती है, लेकिन विपक्षी गठबंधन इंडिया के घटक दलों ने गुरुवार को ही प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की है।
संसद में जारी है हंगामा
मणिपुर में 3 मई से हिंसा जारी है। जिसको लेकर मानसून सत्र में विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में बयान और विस्तृत चर्चा की लगातार मांग कर रहा है। जबकि गृह मंत्री अमित शाह जवाब के साथ अल्पकालिक चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष पीएम मोदी से बयान देने की मांग कर रहा है।





