नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मालदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर आज भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा पर हैं। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, ज़मीर 8 मई को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह “द्विपक्षीय वार्ता और भारतीय संस्कृति का अनुभव करने के लिए उत्सुक हैं।” मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़ू की सरकार बनने के बाद से भारत और मालदीव में तनावग्रस्त स्थिति बन गई है।
मालदीव के विदेश मंत्री ने अपने आगमान का समाचार दिया
राष्ट्रीय राजधानी में अपने आगमन पर मूसा ज़मीर ने अपनी यात्रा का ऐलान सोशल मीडिया साइट ‘X’ पर किया। उन्होंने लिखा कि “भारत की अपनी पहली द्विपक्षीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचा हूं। भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने और भारत की संस्कृति का अनुभव करने के लिए बेहद उत्सुक हूं।”
द्विपक्षीय सहयोग को गति मिलने की उम्मीद
मासदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर की यात्रा का उद्देश्य भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मामलों पर चर्चा करना है। मालदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर आज आधिकारिक यात्रा पर भारत में हैं। नई दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री ज़मीर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री ज़मीर की यात्रा से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और गति मिलने की उम्मीद है।”
उच्च-स्तरीय कोर समूह में क्या हुआ?
भारत के समुद्री पड़ोसी के रूप में मालदीव का महत्व है और इस यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। 3 मई को भारत और मालदीव ने द्विपक्षीय उच्च-स्तरीय कोर समूह की चौथी समीक्षा बैठक की और भारतीय सैनिकों के प्रस्थान पर चर्चा की। दोनों देशों ने सैन्य कर्मियों को बदलने की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। मालदीव में भारतीय कर्मियों के पहले बैच को पहले ही तकनीकी कर्मचारियों से बदल दिया गया है। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “दोनों पक्षों ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि भारत सरकार 10 मई तक तीन विमानन प्लेटफार्मों में से अंतिम पर सैन्य कर्मियों को बदल देगी और सभी लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं तय कार्यक्रम के अनुसार चल रही हैं।”
भारतीय सैनिकों को हटाना मालदीव सरकार का चुनाव अभियान
उच्च स्तरीय कोर ग्रुप की पांचवीं बैठक जून-जुलाई में मालदीव की राजधानी माले में होने वाली है। भारत और मालदीव के बीच आपसी समझौतों का उद्देश्य मानवीय सेवाओं के लिए भारतीय विमानन प्लेटफार्मों के निरंतर संचालन को सुनिश्चित करना है। भारत और मालदीव अब तक चार उच्च स्तरीय कोर ग्रुप बैठकें हो चुकी हैं। भारतीय सैनिकों को हटाना मालदीव सरकार के चुनाव अभियान के वादों में से एक है। डोर्नियर 228 समुद्री गश्ती विमान और दो एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ लगभग 70 भारतीय सैनिक और विमान मालदीव में तैनात हैं।
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