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Wednesday, March 4, 2026
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Lok Sabha Poll: शत्रुघ्न क्यों बने राजेश खन्ना के शत्रु, क्या थी वजह जिंदगी भर रहा पछतावा; पढ़ें चुनावी किस्सा

New Delhi: फिल्मों में तो दो अभिनेताओं की टक्कर होती रहती है लेकिन एक समय ऐसा भी था जब असल जिंदगी में बॉलीवुड सुपरस्टार राजेश खन्ना और शत्रुघ्न सिंहा में चुनाव जीतने के लिए कांटे की टक्कर हुई थी।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राजनीति एक ऐसी बीमारी है जो बाप-बेटे, भाई-भाई से लेकर दोस्ती तक में जहर घोल देती है। ऐसा ही कुछ बॉलीवुड सुपरस्टार राजेश खन्ना और शत्रुघ्न सिंहा के बीच 1990 के दशक में हुआ था। बात इतनी बढ़ गई थी कि राजेश खन्ना शत्रुघ्न सिन्हा का मुंह भी नहीं देखना चाहते थे।

लाल कृष्ण आडवाणी VS राजेश खन्ना

देश में उस समय एक ओर कांग्रेस की लहर थी तो दूसरी ओर लाल कृष्ण आडवाणी द्वारा राम मंदिर आंदोलन की उमंग दौड़ पड़ी थी। 1991 के लोकसभा चुनाव में राजीव गांधी ने अपने करीबी दोस्त राजेश खन्ना को नई दिल्ली से टिकट देकर सबको चौंका दिया था। राजेश खन्ना के सामने थे BJP अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी। दोनों के बीच चुनावी घमासान हुआ लेकिन आडवाणी के सामने खन्ना नहीं टिक सके। लाल कृष्ण आडवाणी उस समय नई दिल्ली के साथ गुजरात की राजधानी गांधी नगर से भी चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने नई दिल्ली की सीट छोड़कर गांधी नगर से लोकसभा जाने का रास्ता चुना।

कैसे खन्ना-सिंहा के बिगड़े रिश्ते?

लाल कृष्ण आडवाणी तो चले गए गांधी नगर विरासत में छोड़ गए नई दिल्ली लोकसभा सीट, 1992 में इस सीट पर उपचुनाव हुए कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर राजेश खन्ना को नई दिल्ली में उपचुनाव का टिकट दिया। गज़ब की बात ये थी कि इस बार राजेश खन्ना के सामने कोई और नहीं उनको करीबी दोस्त और बॉलीवुड सुपरस्टार शत्रुघ्न सिंहा थे। उन्हें अपने सामने देखकर राजेश खन्ना इतने आग-बबूले हो गए कि उन्होंने शत्रुघ्न सिंहा से बात करना छोड़ दिया। 1992 के उपचुनावों में राजेश खन्ना ने शत्रुघ्न सिंहा को हराकर लोकसभा जाने का रास्ता बनाया। यूं तो राजेश खन्ना 1990 के दशक तो फिल्म इंडस्ट्रीज से अलविदा ले चुके थे इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। 1996 के आमचुनावों में राजेश खन्ना को एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा। इसके बाद से उनकी राजनीतिक मोह-माया टूट गई।

आसनसोल से लड़ेंगे शत्रुघ्न सिंहा

एक साक्षात्कार में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा था कि मुझे अपने दोस्त के सामने चुनाव लड़ने का पछतावा हुआ था। राजेश को कई बाद समझाने का भी प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। शत्रुघ्न सिन्हा 1984 में BJP में शामिल हुए थे। हाल ही में वे BJP से इस्तीफा देकर TMC में शामिल हुए। आगामी आमचुनावों में पश्चिम बंगाल के आसनसोल में शत्रुघ्न सिंहा और BJP नेता और भोजपुरी गायक पवन सिंह में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।

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