Lok Sabha Election 2024: BJP-RLD में डील को लेकर किस बात पर फंस रही थी पेंच! दोनों दलों की क्या थी मांग?

Lok Sabha Election 2024: राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की समाजवादी पार्टी (सपा) में दूरियां बढ़ गई हैं। रालोद की नई दोस्ती भाजपा के साथ होने जा रही है। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व...
BJP-RLD
BJP-RLDRaftaar

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ बने इंडिया गठबंधन में लगातार बिखराव की खबरें समने आ रही है। बिहार और बंगाल के बाद उत्तर प्रदेश में भी विपक्षी गठबंधन को करारा झटका लगने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रमुख जयंत चौधरी भाजपा के साथ अपनी अगली पारी शुरू कर सकते है। ऐसे में देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है।

रालोद और सपा में बढ़ रही दूरी

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की समाजवादी पार्टी (सपा) से दूरियां बढ़ गई हैं। रालोद की नई दोस्ती भाजपा के साथ होने जा रही है। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से बात आगे बढ़ चुकी है। शर्तें भी लगभग तय मानी जा रही हैं। भाजपा ने रालोद को लोकसभा की दो सीटों के साथ राज्यसभा की एक सीट का प्रस्ताव दिया है। हालांकि जयंत लोकसभा की एक अतिरिक्त सीट के लिए अड़े हुए हैं।

दोनों पार्टीयों में सब कुछ लगभग फाइनल

रफ्तार सूत्रों की माने तो दोनों पार्टीयों में सब कुछ फाइनल हो गया है, बस किसी भी वक्त दोनो दल सझा प्रेस कांफ्रेंस कर सकते है। फिलहाल दोनो दल अब इस सिलसिले को और लंबा नहीं खीचना चहते है। रालोद से जुड़े सूत्र का कहना है कि आखिरी दौर की बातचीत में दोनों दलों के नेतृत्व में सहमति बन गई हैं। आपको बता दे रालोद इससे पहले दो लोकसभा चुनावों में एक भी सीट पर जीत हासिल करने में असफल रहीं है। इस लिए भजपा उसको चार सीटें देने पर सहमत नहीं हो रही थी।

भाजपा में क्या मिल रहा रालोद को?

भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोकसभा की ऐसी दो सीटें देने का प्रस्ताव किया है, जो जाट बहुल हैं। वहीं अगर इस प्रस्ताव को देखा जाए तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद को बागपत और बागपत या सहारनपुर की लोकसभा सीट मिल सकती है। हलांकि रालोद तीन सीटों की मांग कर रहा है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस मांग पर विचार कर रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि संभल या अमरोहा में से कोई सीट भाजपा रालोद को दे सकती है। इसके साथ भाजपा ने केंद्र की सत्ता में आने पर रालोद को एक कैबिनेट रैंक का मंत्रि पद भी देने का वादा किया है।

रालोद क्या मांग रहीं थी भाजपा से?

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने भाजपा से प्रारंभिक दौर में सहारनपुर, बागपत, बिजनौर और मथुरा की सीटों की मांग की थी। इसके साथ उनका कहना था कि उनको दलित-मुस्लिम समीकरण के लिए नगीना, संभल और अमरोहा में किसी एक की सीट को और दिया जाएं। बात आगे बढ़ी, लेक‍िन भाजपा ने इस पर इनकार कर दिया तो जयंत तीन पर आकर ठहर गए। भाजपा की तरफ से लोकसभा की दो और राज्यसभा की एक सीट की पेशकश कर बात को विराम दे दिया गया। एक दौर ऐसा भी आया जब लगा कि बात बिगड़ गई है, लेक‍िन फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट बहुल दो लोकसभा सीटों के अलावा संभल और अमरोहा में किसी एक के लिए जोर लगा रहे जयंत ने तर्क दिया क‍ि इन सीटों पर भाजपा को पिछले चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है, जहां रालोद का आधार है। इसलिए अगर ये सीटें रालोद के हिस्से में आती है तो रालोद की जीत पक्की हो जाएगी। ऐसे में लग रहा कि रालोद और भजपा की बात बन चुकी है और जल्द इसका ऐलान होने जा रहा है।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.