नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री की शपथ ली है। इस बार बीजेपी को सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया था। जिसके लिए बीजेपी को अपने एनडीए के सहयोगी दलों से समर्थन लेना पड़ा। इसके लिए मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर काफी खींचतान हुई। बीजेपी हाई कमान ने सभी दलों को खुश करने की पूरी कोशिश की, लेकिन 9 जून 2024 को एनडीए के 71 लोकसभा सांसदों के मंत्री की शपथ लेने के बाद, एनडीए के तीन सहयोगी दलों की नाराजगी सामने आ रही है। इन तीन सहयोगी दलों में शिवसेना, एनसीपी और आजसू शामिल है।
श्रीरंग बारणे ने कैबिनेट बंटवारे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिवसेना(शिंदे गुट) के नेता श्रीरंग बारणे ने कैबिनेट बंटवारे को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि एनडीए में जिस पार्टी ने 4 और 5 लोकसभा सीट जीती है, उनको कैबिनेट मंत्री का पद दिया गया है। लेकिन हमारी पार्टी ने 7 लोकसभा सीटें जीती हैं लेकिन हमें एक भी कैबिनेट मंत्री का पद नहीं दिया गया। जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि मोदी 3.0 कैबिनेट में शिवसेना (शिंदे गुट) को एक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद दिया गया है। लेकिन पार्टी इसको लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रही है।
वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने मोदी सरकार से कैबिनेट को लेकर किसी भी प्रकार की नाराजगी से मना कर दिया है। साथ में ही श्रीकांत शिंदे ने श्रीरंग बारणे के बयान का खंडन भी कर दिया है। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे सरकार को बिना किसी शर्त के समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश को प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जरुरत है।
अजित पवार गुट की एनसीपी भी कैबिनेट पद नहीं मिलने पर नाराज
जानकारी के अनुसार अजित पवार गुट की एनसीपी भी कैबिनेट पद नहीं मिलने पर नाराज चल रही है। दरअसल बीजेपी ने अजित पवार गुट के एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल को राज्य मंत्री का पद ऑफर किया था। मगर प्रफुल्ल पटेल ने यह कहकर बीजेपी का ऑफर ठुकरा दिया था कि वह पहले केंद्र में कैबिनेट का पदभार संभाल चुके हैं। राज्यमंत्री के पद से उनका डिमोशन होगा। अजित पवार गुट की एनसीपी की सबसे बड़ी नाराजगी का कारण जीतन राम मांझी को मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाने को लेकर है। अजित पवार गुट की एनसीपी का कहना है कि जीतन राम मांझी की पार्टी ने भी बिहार में 1 ही सीट में जीत दर्ज की थी।
झारखंड में आजसू पार्टी भी मोदी सरकार में जगह नहीं मिलने के कारण नाराज है
झारखंड में आजसू पार्टी भी मोदी सरकार में जगह नहीं मिलने के कारण नाराज है। चंद्रप्रकाश चौधरी ने गिरिडीह लोकसभा सीट से आजसू के टिकट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। लेकिन उन्हें मोदी सरकार में जगह न मिलने के कारण वह नाराज हैं। उनका कहना है कि गठबंधन धर्म के अनुसार सभी सहयोगी दलों का सम्मान होना चाहिए था। लेकिन हमारी पार्टी को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी स्तर पर इसको लेकर विचार करेंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे। यह बात अलग है कि आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो ने अभी तक इस मामले को लेकर कुछ भी नहीं बोला है।
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