नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ED आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी (AAP) को चार्जशीट में मुख्य आरोपी बनाएगी। सुप्रीम कोर्ट में आज ED नौवां सपलिमेंटरी चार्जशीट दाखिल करेगी। PMLA की धारा 70 के तहत केजरीवाल के खिलाफ ED चार्जशीट दर्ज करेगी।
केजरीवाल पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
अरविंद केजरीवाल पर आरोप है कि उन्होंने 2022 में गोवा विधानसभा चुनाव के समय दिल्ली में शराब नीति को हरी झंडी दी थी। उन्होंने इसके लिए रिश्वत के तौर पर 100 करोड़ रुपये लिए था। जिसका प्रयोग गोवा विधानसभा चुनाव में किया गया था। इस मामले में आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता शामिल है।
केजरीवाल को 1 जून तक मिली जमानत
दिल्ली शराब घोटाला मामले में ED ने अगस्त 2022 में केस दर्ज किया था। उसके बाद फरवरी 2023 में ED ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। कुछ महीनों बाद, इसी मामले में ED ने आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार किया था। तिहाड़ जेल में 6 महीने बिताने के बाद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी। 21 मार्च की रात ED ने दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में अरविंद केजरीवाल के आवस से उन्हें गिरफ्तार किया था। दिल्ली शराब घोटाला मामले में 10 मई को हुई सुनवाई के दौरान, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 1 जून तक अंतरिम जमानत दे दी है।
क्या है दिल्ली शराब घोटाला?
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने नवंबर 2021 में शराब नीति को अमल में लाने के लिए राजधानी में 32 जोन बनाये थे। दिल्ली सरकार ने एक जोन में 27 दुकानें खोलने की योजना बनाई थी। इस नीति के अनुसार राजधानी में 849 शराब की दुकानें खोली जानी थी। इसके साथ ही केजरीवाल सरकार ने सरकारी ठेको को बंद कर दिया और इन दुकानों को प्राइवेट कर दिया। केजरीवाल सरकार ने ऐसा करने के पीछे का कारण दिल्ली सरकार को 3500 करोड़ रुपए से अधिक का फायदा होगा बताया था।
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