back to top
21.1 C
New Delhi
Friday, March 13, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

हेमंत सोरेन पर भाजपा ने साधा निशाना, कहा-आदिवासी समाज की चिंता कम, उन्हें लूटा अधिक

Hemant Soren News: भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा आदिवासियों के हितों के साथ खिलवाड़ करती आ रही थी।

नई दिल्ली, (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा आदिवासियों के हितों के साथ खिलवाड़ करती आ रही थी। अब जब वो कानून के शिकंजे में आए हैं तो वे खुद को बचाने के लिए आदिवासियों के नाम की राजनीति कर रहे हैं। सही मायनों में केन्द्र की मोदी सरकार आदिवासियों की सच्ची हितैषी है।

हेमंत सोरेन पर चल रहें तीन मामले

गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी पर उनके समर्थक आदिवासी नेताओं को प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहे हैं। इसके विपरीत सच तो यह है कि हेमंत सोरेन पर तीन मामले चल रहे हैं, जिनमें से एक में जेल गए हैं। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन पर सरकारी जमीन की लूट करने का, अवैध खनन का और कोयला खदान में घोटाले का मामला है। इन तीन मामले में एक में पेशी हुई है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के घर से 36 लाख रुपये मिले हैं । सोरेन ने सेना की जमीन कब्जा ली। रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि हेमंत सोरेन आदिवासी समाज से आते हैं तो क्या जमीन हड़पना ही काम है?

झारखंड में बड़े पैमाने पर हुआ माइनिंग घोटाला

उन्होंने कहा कि झारखंड में बड़े पैमाने पर माइनिंग घोटाला हुआ है। हेमंत सोरेन के समय 4992 मामले अवैध खनन के सामने आए । करीब 1250 करोड़ रुपये का अवैध खनन हुआ है। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए खुद हेमंत सोरेन ने एक माइनिंग लीज अपने नाम ग्रांट कर दी। फर्जी कागज बना कर अपनी पत्नी के नाम पर जमीन आवंटित कर दी। हेमंत सोरेन पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबे हैं।

मोदी सरकार आदिवासी समाज की बहुत चिंता करती है- रविशंकर प्रसाद

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार आदिवासी समाज की बहुत चिंता करती है। आदिवासी समाज से आने वाली द्रौपदी मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद, राष्ट्रपति पद पर बिठाया। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन दर्शाता है। बिरसा मुंडा के योगदान को लोगों के सामने लाने में प्रधानमंत्री की बहुत भूमिका है। उन्होंने आदिवासी समाज की चिंता के लिए अलग से आयोग गठित किया है।

खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

आंख और मुंह कितने सेंटीमीटर खुले? BJP पर जमकर गरजे अखिलेश यादव, कहा- सम्मान नहीं तो अपमान भी न करें

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रस्तावित कार्यक्रम को प्रशासन ने सशर्त अनुमति दे दी...
spot_img

Latest Stories

रेवती नाम का मतलब-Revati Name Meaning

Meaning of Revati / रेवती नाम का मतलब :...

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि से पहले घर लाएं ये चीजें, दूर होंगी कंगाली

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चैत्र नवरात्रि में माता रानी...

फारूक अब्दुल्ला पर हुई फायरिंग को लेकर टेंशन में गुलाम नबी आजाद, गंभीर जांच की मांग की

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार की रात जम्मू कश्मीर के...

पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत पर सरकार का एक्शन, अमित शाह की अध्यक्षता में कमिटी बनाई

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई...

गर्मियां शुरू होने से पहले घूम आएं ये जगहें, मार्च में घूमने के लिए हैं बेस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। मार्च के महीने में न...

इच्छामृत्यु पर बनी इन फिल्मों को देखकर रह जाएंगे हैरान, जानिए लिस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आपको बता दें कि, इस...