नई दिल्ली, रफ्तार। गुजरात के राजकोट स्थित गेम जोन में आग लगने की घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विवेक विहार स्थित बेबी केयर हॉस्पिटल में आग लग गई। हादसे में 7 नवजात की मौत हो गई। घटना शनिवार रात 11:30 बजे की है। चंद मिनटों में आग की लपटें पूरी बिल्डिंग में फैल गई। अलग-अलग फायर स्टेशनों से आग बुझाने के लिए 9 गाड़ियां घटनास्थल पहुंचीं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। घटनास्थल पर पहुंचकर फायर कर्मियों ने हॉस्पिटल से बच्चों को सुरक्षित निकालना शुरू किया। फायर कर्मियों ने 12 नवजात को रेस्क्यू किया है। इस बारे में दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा है कि विवेक विहार में आईआईटी, ब्लॉक-बी के पास शिशु देखभाल केंद्र से भीषण आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद दमकल की नौ गाड़ियां वहां भेजी गईं। 12 शिशुओं को बचाया गया है।
रेस्क्यू किए गए 5 बच्चों का इलाज जारी
हॉस्पिटल में आग लगने के बाद फायर विभाग की टीम ने जिन 12 बच्चों को रेस्क्यू किया, उनको दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। इलाज के दौरान 7 बच्चों की मौत हो गई। जबकि, 5 बच्चों का इलाज चल रहा है। फायर डायरेक्टर के अनुसार 120 स्क्वायर यार्ड में बने एडवांस केयर हॉस्पिटल बेबी केयर सेंटर में आग लगी थी।
कैसे हुई घटना?
फायर डिपार्टमेंट और पुलिस का कहना है कि बेबी केयर सेंटर के पास किसी एंबुलेंस में ऑक्सीजन गैस की रिफिलिंग की जा रही थी, तभी धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके बाद पूरी बिल्डिंग में आग फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि मौके पर आए तो पता चला कि बिल्डिंग के सामने वैन में ऑक्सीजन सिलेंडर में रिफिलिंग का काम चल रहा था और सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। पहला सिलेंडर फटकर बिल्डिंग के अंदर गया, जिससे आग लग गई। आग लगते ही हॉस्पिटल के सभी स्टाफ बच्चों को छोड़कर बाहर निकल गए, उसके बाद एक-एक कर तीन और सिलेंडर फटे। हम बिल्डिंग के पीछे जाकर शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाले।
अस्पताल का मालिक फरार
दिल्ली पुलिस ने चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक नवीन किची के खिलाफ आईपीसी की धारा 336 (दूसरों की निजी सुरक्षा को खतरे में डालना), 304A (लापरवाही से मौत) और 34 (आपराधिक गतिविधि) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी नवीन पश्चिम विहार का रहने वाला है। इस घटना के बाद से मालिक फरार है।
राजकोट में गेम जोन हादसे में शव जलने से मृतकों की पहचान नहीं
शनिवार को नानामोवा रोड स्थित टीआरपी गेम जोन में भीषण आग लगने से 30 लोगों की मौत से लोगों की आंखें नम हैं। आशंका भी जताई जा रही कि मरने वालों की संख्या में बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अब भी लापता हैं। हादसे पर कलेक्टर आनंद पटेल ने कहा कि शव इतनी बुरी तरह जले हैं कि किसी की पहचान मुश्किल है। शवों का डीएनए टेस्ट कराना होगा। राजकोट के सभी गेम जोन बंद कराए गए हैं। पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव का कहना है कि टीआरपी गेम जोन ने फायर एनओसी भी नहीं ली थी। सरकार ने पूरी घटना की जांच के लिए SIT बनाई है।
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