नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम और JJP सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला ने आज राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को पत्र लिखकर नायब सरकार में हलचलों को लेकर फ्लोर टेस्ट की मांग की। उन्होंने ANI को बताया कि वे हरियाणा में भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस के साथ जाएंगे। उन्होंने ये भी कहा कि अगर बीजेपी फ्लोर टेस्ट में पूर्ण बहुमत नहीं हासिल कर पाई तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो।
नायब सरकार के सिर पर मंडरा रहा खतरा
मार्च के महीने में हरियाणा में BJP-JJP गठबंधन में दरार पैदा होने के बाद दोनों दलों के बीच गठबंधन टूट गया। इसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री पद से मनोहर लाल खट्टर ने इस्तीफा दे दिया। विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में बीजेपी ने निर्दलीयों के साथ मिलकर फिर से सरकार बनाई। 12 मार्च को नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री की शपथ ली। अब हुआ यूं कि नायब सिंह सैनी की सरकार का निर्दलीयों ने अचानक साथ छोड़ दिया। लोकसभा चुनाव के बीच राज्य में बीजेपी सरकार के समर्थन दे रहे 3 निर्दलीय विधायकों पुंडरी से रणधीर गोलन, नीलोखेड़ी से धर्मपाल गोंदर, चरखी दादरी से विधायक सोमवीर सांगवान ने अपना समर्थन वापस ले लिया है। इससे बीजेपी को बड़ा झटका लगा है।
क्या है वजह?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। लोकसभा चुनाव के बीच हरियाणा में बीजेपी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, तीनों निर्दलीय विधायकों ने कहा कि वो सरकार की नीतियों से खुश नहीं थे इसलिए बीजेपी सरकार से अपना समर्थन वापस ले रहे हैं।
हरियाणा में बीजेपी की जा सकती है कुर्सी?
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं जिसमें से बीजेपी के पास 41 सीटें हैं। इसके अलावा बीजेपी के पास 6 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त था। लेकिन 3 निर्दलीयों ने अपना समर्थन वापस ले लिया अब बीजेपी 44 में ही सिमट के रह गई। हरियाणा विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 46 है। ऐसे में कांग्रेस भी अपनी सरकार बनाने के लिए कूद सकती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार का दामन छोड़ने वाले तीनों विधायक इस समय कांग्रेस के दिग्गज नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के संपर्क में हैं।
क्या है बीजेपी का अगला दांव?
हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से 10 सीटों पर NDA की सहयोगी दल रह चुकी जननायक जनता पार्टी (JJP) के पास है। आपको बता दें कि JJP के 7 विधायकों में पार्टी से नाराजगी चल रही है। इस बात का फायदा बीजेपी उठा सकती है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी JJP के नाराज विधायकों से संपर्क करने में जुटी है। विधानसभा के पट पर जब फ्लोर टेस्ट होगा तब बीजेपी के पास 44 वोट पहले से मौजुद हैं ऐसे में JJP के 7 विधायकों ने बीजेपी के समर्थन में क्रॉस वोटिंग की या फिर अगर विधानसभा में उपस्थित न रहें तो बीजेपी आसानी से विश्वासमत हासिल कर लेगी।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in




