बेगूसराय, 06 जून (हि.स.)। कोरोना के संक्रमण को खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया जा रहा है। कोविड-19 संक्रमण को पूरी तरह से जड़ से मिटाने एवं सामुदायिक स्तर पर लोगों को स्थाई रूप से सुरक्षित करने के लिए जहां लगातार वैक्सीनेशन एवं जांच अभियान चल रहा है। वहीं, वैक्सीन को लेकर चल रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान भी चल रहा है। ताकि हर हाल में लोग भ्रांतियों से बाहर आ सकें और वैक्सीनेशन के प्रति लोगों में रुचि बढ़ सके। यह बातें जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. गोपाल मिश्रा ने कही है। उन्होंनेे कहा कि देखा जा रहा है कि लगातार अभियान चलाने के बाद भी लोगों के मन में कहीं ना कहीं वैक्सीन को लेकर भ्रम है। इस भ्रम को दूर करने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग समेत सभी विभाग हर स्तर पर लोगों को जागरूक कर ही रहा है। लेकिन, यह तभी सफल होगा जब सामुदायिक स्तर पर खासकर युवा वर्ग का सहयोग मिलेगा। वैक्सीन ना सिर्फ पूरी तरह सुरक्षित है, बल्कि इस महामारी के खिलाफ काफी प्रभावी भी है। इसलिए, भ्रांतियों के झांसे में नहीं आएं और पूरी तरह निर्भीक होकर वैक्सीनेशन कराएं। यही इस महामारी से बचाव के साथ-साथ स्थाई निजात का सबसे बेहतर सुरक्षा कवच है। भ्रांतियों को दूर करने के लिए डोर-टू-डोर चल रहा है अभियान- डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि लोगों को भ्रांतियों से दूर करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से जिला स्तर से लेकर गांव स्तर पर टीकाकरण अभियान को और प्रभावी बनाने तथा लोगों को टीका के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका, शिक्षा विभाग, जीविका समेत जिले के तमाम पदाधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों की सच्चाई बताई जा रही है। वैक्सीन को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चा पूरी तरह तथ्यहीन है। सच्चाई यह है कि वैक्सीन से इम्युन सिस्टम को मजबूती मिलती है और इस महामारी से लड़ने के लिए शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडी तैयार होगा। खुद के साथ साथ बच्चों की सुरक्षा के लिए वैक्सीन जरूरी- जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. गोपाल मिश्रा ने बताया कि इस महामारी की तीसरी लहर भी आने की संभावना जताई जा रही है। आशंका है कि तीसरी लहर में बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इसलिए खुद के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर भी वैक्सीन लेना जरूरी है। क्योंकि, जब घर के बड़े लोग वैक्सीन लेंगे तो बच्चे पर संक्रमण का खतरा कम होगा। बड़े आयु वर्ग के लोगों से संक्रमण फैलने की संभावना काफी अत्यधिक रहती है। इसलिए वैक्सीनेशन जरूर कराएं और इस महामारी से बचाव के लिए प्रोटोकॉल का भी पालन करेें। मानकों का करें पालन, रहेें संक्रमण से दूर- -कोरोना संक्रमण के लक्षण खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं। -संक्रमण होने की स्थिति में घर के सदस्यों से भी दो गज की दूरी बनाकर रखें। -मास्क का प्रयोग करें, यथासंभव हवादार तथा अलग शौचालय वाले कमरों में रहें। -बार-बार हाथ धोएं या सेनिटाईज करें, डॉक्टर से मिले परामर्श के अनुरूप दवा का प्रयोग करें। -लॉकडाउन के शर्तों का शत-प्रतिशत पालन करें। -घरों से अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलें। -जरूरी कार्यों से सार्वजनिक स्थलों पर जाना पड़े तो सुरक्षा संबंधी प्रोटोकॉल मानें। -विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र




