नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार में राज्यसभा के लिए वोटिंग की प्रकिया जारी है। इसके लिए दुलारचंद हत्याकांड में बेउर जेल में बंद अनंत सिंह वोट डालने पहुंचे जिस दौरान उन्होंने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला किया है और वह बिहार से दिल्ली जाना चाहते हैं इस मैं भी चुनाव नहीं लडूंगा। बेउर जेल लौटते वक्त पत्रकारों से बात करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि अब उनकी जगह उनके बेटे चुनाव लड़ेंगे। यह पूछे जाने पर कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश तय करेंगे कि सीएम कौन होगा।
बेउर जेल से वोट डालने पहुंचे थे अनंत सिंह
मोकाम से जेडीयू विधायक अनंत सिंह राज्यसभा चुनाव के लिए जेल से वोट देने आए थे। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान उनपर दुलारचंद की हत्या का आरोप है जिसके चलते वह जेल में हैं। उन्होंने जेल से ही चुनाव लड़ा और मोकाम से फिर विधायक बने। हाल में विधायक पद की शपथ लेने के लिए वह जेल से बाहर आए थे और अब राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें फिर जेल से बाहर लाया गया है।
अनंत सिंह का गढ़ रहा है मोकामा
बिहार की सियासत में मोकामा विधानसभा सीट की बात करें तो अनंत सिंह का नाम लेना स्वभाविक हो जाता है। मोकामा को अनंत सिंह का गढ़ माना जाता है। साल 2005 में वह पहली बार मोकाम सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद 5 साल तक अपनी सेवा देने के बाद उन्होंने एक बार फिर 2010 में चुनाव लड़ा और लगातार दूसरी बार मोकाम विधानसभा सीट से जीत का परचम लहराया। हालांकि 2015 में तस्वीर थोड़ी बदल गई। उन्होंने जेडीयू से मतभेद होने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। वह फिर एक बार जीते। साल 2019 में वह अवैध हथियार के मामले में जेल चले गए और 2020 के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी नीलम देवी ने चुनाव लड़ा और उन्होंने भी मोकाम से चुनाव जीता।




