-मुख्यमंत्री ने दिये जांच के आदेश उदालगुरी (असम), 25 जून (हि.स.)। उदालगुरी जिला के टंगला पौरसभा पर लगभग 300 बगुला के बच्चों को बेघर करने का आरोप लगा है। ट्वीटर पर वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने इस मामले की वन मंत्री परिमल शुक्लबैद्य से तुरंत जांच करने का निर्देश संबंधी ट्वीट किया है। मिली जानकारी के अनुसार टंगला पौरसभा के नजदीक एक नंबर वार्ड के वाशिंदे लोकजीत सुतार के घर के पास बांस की झाड़ियों में बगुला ने घोंसला बनाया था। पास में ही पौरसभा का ऑफिस है। पौरसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों का आरोप है कि बगुला की वजह से इलाके में काफी दुर्गंध होती है। जिसकी वजह से पौरसभा द्वारा एक नोटिस जारी कर बांस को काटने का निर्देश दिया गया था। लोकजीत सुतार ने बांस के पेड़ को काटने से मना कर दिया। शुक्रवार को सुतार और उसके परिवार वाले घर पर नहीं थे। इसी दौरान पौरसभा के कर्मचारियों द्वारा बांस की झाड़ियों को काट दिया गया। जिसकी वजह से लगभग 300 बगुला के बच्चे जमीन पर गिरकर तड़पने लगे। उसमें काफी बच्चों की मौत हो गई। घटना की खबर जैसे ही मीडिया में आयी असम के मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिन्दा बचे सभी बगुला के बच्चों को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में भेजे जाने का निर्देश दिया। जिसके बाद वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर एक सौ से अधिक बगुला के बच्चों को काजीरंगा भेजने की व्यवस्था की। हिन्दुस्थान समाचार/ असरार




