नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कारगिल विजय दिवस के 25 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री शुक्रवार को द्रास पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश वीर जवानों का ऋणी है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाकर बलिदान दिया।
कारगिल विजय के 25 साल पूरे होने की साक्षी
उन्होंने कहा कि लद्दाख की धरती कारगिल विजय के 25 साल पूरे होने की साक्षी बन रही है। कारगिल विजय दिवस हमें बताता है कि राष्ट्र के लिए दिए गए बलिदान अमर होते हैं। पीएम ने कहा दिन, महीने, वर्ष और सदियां गुजरती हैं और मौसम बदलते हैं, लेकिन राष्ट्र की रक्षा के लिए जान की बाजी लगाने वालों के नाम अमिट रहते हैं। देश सेना के जवानों का ऋणी है। उनके प्रति कृतज्ञ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वो कारगिल युद्ध के समय सामान्य नागरिक की तरह जवानों के बीच हैं। उनकी यादें ताजा हो गई हैं। उन्हें आज भी याद है कि किस तरह सेना ने इतनी ऊंचाई पर युद्ध ऑपरेशन को अंजाम दिया था। वो सभी शूरवीरों को प्रणाम करते हैं। शहीदों को याद करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल में हमने केवल युद्ध नहीं जीता। हमने सत्य, संयम और सामर्थ का अद्भुत परिचय दिया। भारत उस समय शांति के लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन पाकिस्तान ने अपना अविश्वासी चेहरा दिखाया। सत्य के सामने आतंक और असत्य की हार हुई।
पाकिस्तान के नापाक मंसूबे कामयाब नहीं होंगे
पाकिस्तान ने अतीत में जितने प्रयास किए मुंह की खाई और अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा। वो प्रॉक्सी वार के सहारे खुद को प्रासंगिक बना रहा है। आतंक के आकाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “उन्हें मेरी आवाज सुनाई दे। आतंकियों को कहता हूं कि उनके नापाक मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। आतंकवाद को हमारे जांबाज पूरी ताकत से कुचलेंगे। दुश्मन को मूंहतोड़ जवाब देंगे। लद्दाख हो या जम्मू विकास के सामने आ रही हर चुनौती को भारत हराकर ही रहेगा। 05 अगस्त को अनुच्छेद 370 का अंत हुए 05 साल हो जाएंगे। जम्मू नए सपनों की बात कर रहा है। बड़े भविष्य की बात कर रहा है। इसकी पहचान जी-20 की ग्लोबल समिट की बैठक करने के लिए हो रही है। इंफ्रा के साथ–साथ जम्मू लेह-लद्दाख में टूरिज्म सेक्टर विकास कर रहा है। दशकों के बाद यहां सिनेमाघर खुला है। साढ़े तीन दशक के बाद श्रीनगर में ताजिया निकला ।
लद्दाख में विकास की नई धारा बनी है
देश का स्वर्ग शांति और सौहार्द की दिशा में आगे बढ़ रहा है। लद्दाख में विकास की नई धारा बनी है। टनल के जरिए लद्दाख पूरे साल, हर मौसम में देश से जुड़ा रहेगा। ये लद्दाख के विकास और बेहतर भविष्य के लिए नई संभावनाओं का नया रास्ता खोलेगी। टनल के बनने से मुश्किलें कम होंगी। सभी निवासियों को विशेष बधाई देता हूं। यहां के लोग हमारी प्राथमिकता हैं। याद है कोरोना काल में करगिल क्षेत्र के कई लोग ईरान में फंस गए थे। उन्हें वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत प्रयास गए। लोगों को ईरान से लाकर जैसलमेर में बिठाया गया। स्वास्थ्य रिपोर्ट ठीक आने पर उन्हें घरों तक पहुंचाया गया। हमें संतोष है कि हम अनेकों जिंदगियों को बचा पाए। यहां के लोगों की सुविधाएं ईज़ ऑफ लिविंग के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बीचे 5 सालों में लद्दाख के बजट को 1100 करोड़ से बढ़ाकर 6 हजार करोड़ कर दिया है। यह पैसा लद्दाख के लोगों के विकास सुविधाएं बढ़ाने में काम आ रहा है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, पावर सप्लाई, रोजगार का दृश्य और परिदृश्य बदल रहा है।
लद्दाख के 90 प्रतिशत से ज्यादा घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंचा
बकौल पीएम, पहली बार होलिस्टिक प्लानिंग के साथ काम हो रहा है। जल-जीवन-मिशन की वजह से लद्दाख के 90 प्रतिशत से ज्यादा घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंच रहा है। यहां के लोगों को क्वालिटी हायर एजुकेशन मिले इसके लिए यहां सिंधू सेंट्रेल यूनिवर्सिटी का निर्माण हो रहा है। क्षेत्र को 4 जी नेटवर्क से जोड़ने का काम चल रहा है। 13 किमी लंबी जोजिला टनल का काम जारी है। इसके बनने से नेशनल हाइवे-1 पर भी ऑल वेदर कनेक्टिविटी हो जाएगी। देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास के असाधारण लक्ष्य तय किए हैं। चैलेंजिग टास्क को अपने हाथों में लिया है। बीआरओ ने ऐसे लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अभूतपूर्व गति से काम किया है। पिछले 3 सालों में 300 से अधिक प्रोजेक्ट पूरे किए। इसमें पूर्वोत्तर में सेना टनल का निर्माण शामिल हैं। अग्निपथ योजना के जरिए सेनाओं को युवा बनाना है। इसका लक्ष्य सेनाओं को निरंतर योग्य बनाए रखना है।
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