जगदलपुर, 27 फरवरी (हि.स.)। पूर्व विधायक संतोष बाफना ने शनिवार को भूपेश बघेल को लिखे पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर जहॉ कांग्रेस के द्वारा किसी योजना से पहले आवासहीन गरीब कब्जाधारियों को राजीव गांधी आवासीय पट्टा योजना के जरिए जमीन का मालिकाना हक दिया जाता है तो वहीं दूसरी ओर पुन: वर्तमान कांग्रेस की सरकार के द्वारा उन्हीं गरीबों को लाखों रुपये के टैक्स नहीं देने पर कब्जा खाली कराने की सख्ती बरतने संबंधी नोटिस दिये जा रहे हैं। भाजपा नेता एवं जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। जिसमें मध्यप्रदेश शासनकाल के दौरान (विभाजन से पूर्व छत्तीसगढ़ क्षेत्र सहित) वर्ष 1998 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं वर्ष 2002 में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की सरकार के द्वारा शासकीय (नजूल) भूमि पर नगरीय क्षेत्र के आवासहीन गरीब कब्जाधारियों को राजीव गांधी आवासीय पट्टा योजना के जरिए अपनी जमीन का मालिकाना हक देने के पश्चात् वर्तमान छत्तीसगढ़ कॉग्रेस सरकार द्वारा राजीव गांधी आश्रय योजना के नाम पर उन्हें पट्टाधारियों से पुन: व्यवस्थापन के लिए लाखों रुपये टैक्स वसूले जाने के लिए नोटिस दिये जा रहे हैं। उन्होने पत्र में चुनावी वादे जिसमें विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान जनता से किये गए वायदे को याद दिलाते हुए आगे कहा है कि शासकीय (नजूल) भूमि परकब्जाधारी परिवारों को नियत अवधि के भीतर पट्टा प्रदाय करने का वायदा किया गया था। इस वायदे से गरीब जनता को उम्मीद थी कि सरकार की ओर से उन्हें नि:शुल्क पट्टा ही प्रदाय किया जाएगा। न कि पट्टे के लिए लाखों रूपये टैक्स देने होंगे। अपने वायदे से मुकरते हुए अब उन्हीं लोगों से व्यवस्थापन के नाम पर एवं राजस्व में बढ़ोतरी के लिए सरकार की ओर से अब अनौचित्य राशि मांगी जा रही है। इसके अलावा, ऐसे समस्त शहरी आवासहीन निर्धन कब्जाधारी परिवार जिन्हें किन्हीं कारणवश शासन की योजना से स्थाई पट्टा नहीं मिल सका था, ऐसे परिवारों से भी राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत् क्षेत्र के हिसाब से दर निर्धारित करके एवं 800 वर्ग फुट से अधिक भूमि पर कब्जा होने पर निर्धारित की गई दर से अधिक 152 प्रतिशत की दर से राशि देने को विवश किया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/राकेश पांडे





