नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। नेपाल में बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक संकट के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल से सटे यूपी के चार जिलों बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर और महाराजगंज को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए लखनऊ में विशेष कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
नेपाल में हिंसा से बढ़ी चिंता
पिछले दो दिनों से नेपाल में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। शुरुआत छात्रों और युवाओं के सोशल मीडिया बैन विरोध से हुई। धीरे-धीरे आंदोलन हिंसक हो गया और हथियारबंद लोग भी भीड़ में शामिल हो गए। अब कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव हो रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह अस्थिरता लंबे समय तक रह सकती है, जिसका असर भारत-नेपाल सीमा पर भी पड़ना तय है।
यूपी के चार जिलों में हाई अलर्ट
यूपी-नेपाल सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। ड्रोन से निगरानी और क्यूआरटी (QRT) दल को सक्रिय किया गया है। बॉर्डर पर संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिलों के डीएम और एसपी को 24×7 अलर्ट रहने को कहा गया है।
नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन
नेपाल में पढ़ाई, कारोबार, यात्रा और तीर्थयात्रा के लिए गए कई भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। उनकी सुरक्षा और मदद के लिए यूपी पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया है।
हेल्पलाइन नंबर:
0522-2390257
0522-2724010
9454401674
WhatsApp नंबर: 9454401674
इन नंबरों पर आने वाली कॉल्स को तुरंत एक प्रशिक्षित टीम संभालेगी और संबंधित विभागों से मिलकर मदद पहुंचाएगी।
मुख्यमंत्री योगी की निगरानी
नेपाल की अस्थिरता के बीच सोशल मीडिया पर कई गलत सूचनाएं और अफवाहें फैलने लगी हैं। इसे रोकने के लिए यूपी पुलिस की सोशल मीडिया यूनिट को सख्त निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार हालात की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर अस्थायी रोक भी लगाई जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने बॉर्डर पर सख्त चेकिंग शुरू कर दी है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। केवल आधिकारिक हेल्पलाइन या प्रशासनिक चैनल पर भरोसा करें। सीमावर्ती जिलों के लोग किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।




