नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । किसी भी देश की सुरक्षा में उनकी खुफिया एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ये एजेसियां देश के भीतर और बाहर के आंतरिक खतरों से निपटने के लिए सक्षम होती हे। दोनों और से देश की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करना उनका काम होता है। आज खुफिया एजेसियों के बात करे तो दुनिया में अमेरिका के CIA से लेकर इजरायल की एजेंसी मोसाद (Mossad) तक की चर्चा होती रहती है। जिन्होंने मिडिल ईस्ट से लेकर रूस तक कई बड़े मिशनों को अंजाम दिया है। चलिए, जानते है कि दुनिया में किस देश की खुफिया एजेंसी सबसे ज्यादा खतरनाक है। और भारत की रॉ (RAW) इस मामले में किस नंबर पर आती है।
सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी
दुनिया की सबसे घातक और खतरनाक खुफिया एजेंसी की बात करें तो पहले स्थान पर अमेरिका की CIA का नाम आता है। इसका फुलफॉर्म Central Intelligence Agency है। इसकी स्थापना साल 1947 में की गई थी। इसका हेडक्वॉटर लैंगली, वर्जीनिया में है। इस एजेंसी का प्रमुख काम विदेशी सरकारों और संगठनों की जानकारी इकट्ठा करना, आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेना और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के लिए खुफिया जानकारी तैयार करना है।
अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए ने अब तक कई मिशनों को अंजाम दे चुकी है। जिसमें इसका अहम रोल रहा है, अपने मिशन में एजेसी ने ओसामा बिन लादेन को ढूंढ निकाला, शीत युद्ध के दौरान USSR की निगरानी की या फिर क्यूबा मिसाइल संकट के दौरान अहम रोल निभा चुकी है।
दूसरे नंबर यूनाइटेड किंगडम की MI6
राष्ट्रीय सुरक्षा मामले में खुफिया एजेसी MI6 का नाम आता है। यह दुनिया के दूसरे नम्बर पर यूनाइटेड किंगडम की खुफिया एजेंसी MI6 है। इसने भी अल कायदा और IS जैसे आतंकी संगठनों पर जानकारी जुटाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में इजरायली एजेंसी मोसाद को दूसरे नंबर में शामिल किया जाता है।
भारत की RAW किस नंबर पर ?
अब बात करते हैं भारत की खुफिया एजेसी रॉ (RAW) की। भारत की एजेंसी किस नंबर पर आती है। इसे लेकर काफी संशय बना हुआ है। कुछ रिपोटर्स में इसे इजरायली की एजेंसी मोसाद से ऊपर 4 नंबर पर दिखाया जाता है तो किसी में इसकी रैंक को 7 या 8 पर बताया जाता रहा है। हालांकि, अगर कुल मिलाकर आसान शब्दों में समझा जाए तो भारत की रॉ 10 सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसियों की लिस्ट में शामिल है, लोग अपने हिसाब से रैंक को ऊपर नीचे करते रहते हैं।
RAW का मुख्यालय दिल्ली में है और इसका मुख्य काम आतंकवाद पर निगरानी करना और विदेशी खुफिया जानकारी जुड़ाना है। RAW की स्थापना 21 सितंबर 1971 की गई थी। RAW ने 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में अहम रोल अदा की थी। RAW दुनिया की उन कुछ एजेंसियों में से है जो पीएम को सीधे रिपोर्ट करती हैं।





