नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की हालिया मुलाकात के दौरान चीन का जिक्र हुआ या नहीं। इस सवाल पर शुक्रवार को विदेश सचिव विक्रम मिसरी से प्रतिक्रिया मांगी गई। इसके जवाब में मिसरी ने सीधे तौर पर चीन का नाम लिए बिना कहा, “मालदीव ने सुरक्षा से जुड़े मसलों को बेहद अहम माना है और भारत के साथ रणनीतिक सहयोग को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।”
‘मालदीव की सुरक्षा के लिए भारत के साथ सहयोग जरूरी’
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बीच हुई बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा प्रमुख विषयों में शामिल रही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति मुइज्जू ने स्पष्ट रूप से कहा कि मालदीव सुरक्षा से जुड़े मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेता है और इस दिशा में भारत के साथ सहयोग जारी रखने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विक्रम मिसरी ने यह भी कहा कि भारत और मालदीव की सुरक्षा एजेंसियों के बीच नियमित संवाद और घनिष्ठ संपर्क बना हुआ है, जो दोनों देशों के आपसी विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है।
‘व्यापार, रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर भारत-मालदीव ने बढ़ाया सहयोग’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी दो दिवसीय मालदीव यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुइज्जू से व्यापक चर्चा की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया। बातचीत का फोकस इन क्षेत्रों में आपसी साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने पर रहा।
‘साझा सुरक्षा हितों पर मिलकर काम करते रहेंगे भारत-मालदीव’
विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत और मालदीव के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार सहयोग जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत उन सभी विषयों पर मालदीव के साथ मिलकर काम करता रहेगा जो क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। मिस्री ने यह भी बताया कि दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच उच्च स्तर पर नियमित संवाद और समन्वय बना हुआ है।
भारत ने मालदीव को ऋण भुगतान में 40% की राहत दी
विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू की बैठक के बाद जो महत्वपूर्ण समझौता हुआ, उसके तहत भारत ने मालदीव को दिए गए ऋण के सालाना भुगतान में 40 प्रतिशत की राहत दी है। यह निर्णय द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और मालदीव की वित्तीय स्थिरता में योगदान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
“हमारे संबंध समुद्र जैसे गहरे और इतिहास से भी पुराने हैं” – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और मालदीव के बीच संबंधों को लेकर कहा कि दोनों देशों की दोस्ती समुद्र जितनी गहरी और इतिहास से भी पुरानी है। एक प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा, “हमारे लिए हमेशा पहले दोस्ती आती है।” पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि भारत और मालदीव की साझेदारी हर परिस्थिति में साफ, पारदर्शी और मजबूत बनी रहेगी।
भारत ने मालदीव को 4,850 करोड़ की सहायता दी
भारत ने मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है, जो द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति बनी है। यह समझौता व्यापार, निवेश और आर्थिक भागीदारी को और सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा।




