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Thursday, March 12, 2026
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Trump होते तो युद्ध नहीं होता: बहुचर्चित बैठक में बोले पुतिन- रूस आने का दिया न्योता तो चौंक उठे डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में हुई मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में हुई मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। बैठक के अंत में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुतिन ने अचानक ट्रंप को रूस आने का न्योता दे दिया।

अलास्का में हुई बहुचर्चित बैठक

अलास्का में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों, सहयोग और खासकर यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल 12 मिनट चली और इसमें पत्रकारों से सवाल नहीं लिए गए।

नेक्स्ट टाइम इन मॉस्को

प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होते समय ट्रंप ने पुतिन से कहा, जल्द मिलेंगे। इस पर पुतिन ने अंग्रेजी में जवाब दिया, नेक्स्ट टाइम इन मॉस्को। ट्रंप मुस्कुराए और बोले ओह, दैट्स एन इंट्रेस्टिंग वन। पुतिन ने अलास्का को अमेरिका-रूस के साझा इतिहास का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में दोनों देश साथ लड़े थे। साथ ही माना कि पिछले कुछ सालों में रिश्ते कठिन दौर से गुजरे हैं, लेकिन आमने-सामने मुलाकात जरूरी थी।

यूक्रेन पर गहन चर्चा

बातचीत का बड़ा हिस्सा यूक्रेन युद्ध पर रहा। पुतिन ने कहा कि ट्रंप संघर्ष की असली वजह समझना चाहते हैं और यही सकारात्मक संकेत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बनी सहमति से यूक्रेन में शांति बहाल होगी। पुतिन ने आरोप लगाया कि यूरोप और यूक्रेन वार्ता में अड़चन डालते रहे हैं। पुतिन ने दावा किया कि अगर 2022 में ट्रंप राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता। उन्होंने ट्रंप के दोस्ताना और भरोसेमंद रवैये की भी तारीफ की और कहा कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस-अमेरिका सहयोग की संभावनाएं हैं। ट्रंप ने कहा कि वे जल्द ही नाटो और यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बात करेंगे। उन्होंने बताया कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन कुछ अहम बिंदु अभी भी बाकी हैं। ट्रंप के मुताबिक कोई सौदा तब तक नहीं होता जब तक पूरा सौदा न हो। बैठक सकारात्मक माहौल में खत्म हुई। पुतिन ने ट्रंप को रूस आने का न्योता दिया और इशारा किया कि आगे भी बातचीत जारी रहेगी। अब दुनिया की नजरें अगली मुलाकात और यूक्रेन संकट में किसी ठोस हल पर टिकी हैं।

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