नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद से उनके समर्थकों में खुशी की लहर बनी हुई है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में इसको लेकर बड़ी चिंता बनी हुई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के पहले के बयानों ने उनके लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी है। हालांकि मोहम्मद यूनुस ने इसको लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। लेकिन मोहम्मद यूनुस को अपने पुराने बयानों के कारण ट्रंप की सरकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
“हम इन काले बादलों को दूर करेंगे”
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में जब डोनाल्ड ट्रंप ने हिलेरी क्लिंटन को हराकर जीत हासिल की थी, तब मोहम्मद यूनुस ने पेरिस में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव पर सवाल उठाए थे। मोहम्मद यूनुस ने उस समय कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत से हमें इतना गहरा धक्का लगा है कि आज सुबह मै ठीक से बात भी नहीं कर पा रहा था। मैने अपनी सारी ताकत खो दी। क्या मुझे वहां आना चाहिए। बिल्कुल मुझे वहां आना चाहिए। हमें इस गिरावट को अवसाद में नहीं बदलने देना है। हम इन काले बादलों को दूर करेंगे।
“बाइडेन और कमला ने दुनियाभर में हिन्दुओं को नजरअंदाज किया है”
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप को लेकर मोहम्मद यूनुस द्वारा दिए गए पुराने बयानों से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इसका बड़ा संकेत डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को लेकर कही गयी बड़ी बातों से मिल रहा है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह बांग्लादेश में हिन्दुओं, ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यों के खिलाफ किए जा रहे अत्याचार की कड़ी निंदा करते हैं। बांग्लादेश में भीड़ इनपर हमला कर रही है और उन्हें लूटा भी जा रहा है। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर वह अमेरिका के राष्ट्रपति होते तो ऐसा कभी नहीं होता। राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैर्रिस ने दुनियाभर में हिन्दुओं को नजरअंदाज किया है।




