back to top
19.1 C
New Delhi
Sunday, March 8, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Mahakumbh 2025: स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन नहीं कर पाईं शाही स्नान, गुरु ने बताई ये वजह

महाकुंभ में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इनमें एप्पल के पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेंस पॉवेल भी शामिल हैं।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । विश्व भर से लाखों लोग महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। इनमें एप्पल के पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल भी शामिल हैं। क्या लॉरेन पॉवेल ने भी मकर संक्रांति के दिन शाही स्नान के दौरान संगम में डुबकी नहीं लगाई थी? जिसके बारे में जानकारी सामने आ रही है। लॉरेन पॉवेल स्वामी कैलाशानंद गिरि के शिविर में ठहरी हैं। स्वामी कैलाशानंद गिरि निरंजनी अखाड़े के आचार्य हैं और निरंजन पीठाधीश्वर हैं। स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि लॉरेन पॉवेल को थोड़ी समस्या है। यही कारण है कि उन्होंने शाही स्नान के दौरान डुबकी नहीं लगाई।

लॉरेन पॉवेल बहुत सरल और सहज 

स्वामी कैलाशानंद गिरि ने लॉरेल पॉवेल के बारे में कहा कि वह कभी भीड़ में नहीं रहती थीं। वे हमारे शिविर में हैं। उसके हाथों में हल्की एलर्जी हो गई। उन्होंने कहा कि लॉरेन पॉवेल बहुत सरल और सहज हैं। स्वामी कैलाशानंद ने आगे कहा कि वह एकांत में स्नान करेंगी। जिसके लिए अलग से व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि वह पूजा के दौरान हमारे साथ रहीं। रात को पूजन में रुकती हैं। वे हमारे शिविर में रह रही हैं। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर ने आगे कहा कि सनातन परंपरा अलौकिक है। दुनिया भर के लोग हमारी परंपरा से जुड़े हुए हैं। जिन्होंने कभी हमारी परम्परा को न देखा, न समझा, न जाना। 

लॉरेन पॉवेल दिवंगत स्टीव जॉब्स की पत्नी 

उल्लेखनीय है कि लॉरेन पॉवेल दिवंगत स्टीव जॉब्स की पत्नी हैं। उन्होंने सनातन धर्म में अपनी आस्था दिखाई और महाकुंभ में भाग लेने पहुंचीच है हैं। यहां उन्होंने स्वामी कैलाशानंद गिरि को अपना गुरु बनाया है। लोरेस महाकुंभ के दौरान पूरे समय यहीं रहेंगे। स्वामी कैलाशानंद ने लॉरेन का नाम कमला रखा है और उसे अपना गोत्र भी बताया है।

इस बार शाही स्नान को अमृत स्नान नाम दिया गया है। मकर संक्रांति के दिन संगम पर पहला अमृत स्नान हो रहा है। जिसमें सभी 13 अखाड़े क्रमबद्ध तरीके से स्नान कर रहे हैं। इन सबके लिए क्रम और समय तय कर दिया गया है। इसके अलावा विभिन्न स्नान घाटों पर भी अनगिनत श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर संगम में आज आस्था का सैलाब, 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 के तहत चौथे स्नान पर्व बसंत पंचमी पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब...
spot_img

Latest Stories

Vastu Tips: आज रंग पंचमी के दिन करें ये खास उपाय, चमक उठेगा भाग्य

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। रंग पंचमी को लेकर ऐसा...