नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। रूस-यूक्रेन वार को लेकर पूरी दुनिया के लोग शांति की अपील कर रहे हैं। अब इस मुद्दे पर रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन पर संभावित शांति वार्ता में चीन, ब्राजील और भारत महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। पुतिन ने आगे कहा कि युद्ध के पहले सप्ताह में इस्तांबुल में रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच एक प्रारंभिक समझौता हुआ था। जो कभी लागू नहीं हुआ। वो वार्ता के लिए एक आधार बन सकता है।
ईस्टर्न इकॉमिक फोरम में पुतिन कही ये बात
दरअसल पुतिन ने ये बातें ईस्टर्न इकॉमिक फोरम में कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा उद्वेश्य यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र को कब्जे में लेना है। रूसी सेना कुर्स्क क्षेत्र से यूक्रेनी सेना को खदेड़ रही है। पुतिन का यह बयान पीएम मोदी के अगस्त के यूक्रेन दौरे और जुलाई में रूस के दौरे के बाद आया है। यूक्रेन दौरे के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि पूरी दुनिया इस समय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ देख रही है। क्योंकि पीएम मोदी की हर बात रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन सुनते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर इस युद्ध को कोई रोक सकता है तो वो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
पीएम मोदी ने जुलाई में किया था रूस का दौरा
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने जुलाई के महीने में रूस का दौरा किया था। जहां रूसी राष्ट्रपति ने उन्हें रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया था। रूसी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को अपने हाथों से उनके गले में ये पहनाते हुए गले लगाया था। इस दौरान उन दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छा गई थी। जिसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की नाराज हो गए थे।
23 अगस्त को यूक्रेन दौरे पर थे पीएम मोदी
वहीं रूस के दौरे के बाद पीएम मोदी 23 अगस्त को यूक्रेन के दौरे पर भी गए। वो पोलैंड के रास्ते कीव पहुंचे थे। वहां उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें पूरी दुनिया में वायरल हो गईं थी। दुनिया भर के बड़े मीडिया हाउस ने पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा को कवर किया और इसे शांति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया था। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि भारत कभी भी युद्ध से तटस्थ नहीं रह सकता। हम बुद्ध की धरती के वासी हैं। हम युद्ध नहीं शांति का पैगाम देते हैं। पीएम मोदी के इस बयान पर पूरी दुनिया में चर्चा हुई थी।





