back to top
21.1 C
New Delhi
Thursday, March 19, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

भारत दौरे पर आ सकते हैं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, साल के अंत तक हो सकती है PM मोदी से मुलाकात

इस दौरे की जानकारी रूस में मौजूद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के हवाले से दी गई है, जो इन दिनों मॉस्को में रूसी अधिकारियों और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर रहे हैं।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल के अंत तक भारत का दौरा कर सकते हैं। हालांकि अभी आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है और भारत या रूस सरकार ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है। इस दौरे की जानकारी रूस में मौजूद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के हवाले से दी गई है, जो इन दिनों मॉस्को में रूसी अधिकारियों और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर रहे हैं।

ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के बीच रूस का भारत प्रेम

इस खबर का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 50% तक टैरिफ शुल्क लगा दिया है। इसके पहले भी ट्रंप ने 25% टैरिफ और जोड़ा था। ऐसे में भारत पर बढ़ते अमेरिकी दबाव के बीच रूस के साथ भारत की बातचीत ये दिखाती है कि भारत अपने रणनीतिक साझेदारों को लेकर गंभीर है और किसी दबाव में आने वाला नहीं।

अजीत डोभाल की मॉस्को यात्रा में गहराई है

एनएसए अजीत डोभाल की रूस यात्रा को केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है कि भारत रूस को अपना भरोसेमंद साथी मानता है और अमेरिका से बढ़ते तनाव के बावजूद दोनों देशों के रिश्ते मज़बूत बने रहेंगे।

SCO शिखर सम्मेलन में मिलेंगे तीन महाशक्तियां

इस खबर की टाइमिंग और भी खास इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही चीन का दौरा करेंगे जहां वे SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसमें भारत, रूस और चीन ये तीनों देश एक मंच पर एक साथ होंगे। यह मंच अमेरिका और यूरोप के दबावों के बीच तीनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का अवसर बन सकता है, खासकर तब जब तीनों देश अमेरिकी टैरिफ और प्रतिबंधों से प्रभावित हैं। पिछले साल ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को 2025 के भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया था। यह सम्मेलन 2025 के अंत तक हो सकता है, क्योंकि दोनों देशों के बीच हर साल यह शिखर बैठक होती है। हालांकि इस बार की बैठक पहले से अलग होगी क्योंकि दुनिया की राजनीतिक स्थिति बदल चुकी है। अमेरिका के साथ तनाव, वैश्विक व्यापार पर असर और एशिया में नए समीकरण इस बैठक को और अहम बना देते हैं। रूसी राष्ट्रपति का संभावित दौरा दिखाता है कि भारत किसी एक देश के दबाव में नहीं आता और अपनी विदेश नीति स्वतंत्र रूप से तय करता है। रूस के साथ रणनीतिक, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में संबंध भारत के लिए अहम हैं और पुतिन का दौरा इन संबंधों को और गहराई देगा।

Advertisementspot_img

Also Read:

राजनीति में कभी फुल स्टॉप नहीं होता, खरगे के बयान पर PM मोदी ने की तारीफ

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राज्यसभा में विदाई समारोह के दौरान राजनीतिक सौहार्द की खास तस्वीर देखने को मिली। नरेंद्र मोदी ने विदा हो रहे वरिष्ठ...
spot_img

Latest Stories