नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चीन पहुंचे। करीब 7 साल बाद उनका यह चीन दौरा बेहद खास माना जा रहा है। मोदी यहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।
रेड कारपेट पर स्वागत
पीएम मोदी जापान यात्रा खत्म करने के बाद चीन के तियानजिन शहर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनके लिए रेड कारपेट बिछाया गया और पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया गया। चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग खुद उनकी अगुवानी करने पहुंचे। चीन में मौजूद भारतीयों को भी PM का बेसब्री से इंतजार कर थे। ऐसे ही एक भारतीय प्रवासी ने कहा कि वे पीएम से शंघाई में साल 2015 में मिले थे और उन्हें इस बार उनसे मिलने का इंतजार है, वे चाहते हैं कि भारत और चीन साथ-साथ मिलकर काम करें।
जिनपिंग और पुतिन से मुलाकात
मोदी चीन में रहते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन मुलाकातों में भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने और रूस-भारत सहयोग पर चर्चा होगी। चीन आने से पहले पीएम मोदी ने जापान की दो दिवसीय यात्रा पूरी की। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ 15वीं भारत-जापान शिखर वार्ता की। मोदी ने जापानी फैक्ट्रियों का दौरा किया, जिनमें शिंकानसेन बुलेट ट्रेन प्रोटोटाइप बनाने वाली फैक्ट्री भी शामिल थी। अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए इसी ट्रेन सेट का इस्तेमाल होगा।
क्यों अहम है ये दौरा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण भारत-अमेरिका संबंधों में तल्खी आई है। ऐसे समय में भारत और चीन का सहयोग वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है। रूस की मध्यस्थता ने भी दोनों देशों को नजदीक लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ SCO सम्मेलन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एशिया की तीन बड़ी ताकतों भारत, चीन और रूस को एक साथ लाने का अहम पड़ाव भी साबित हो सकता है।





