नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । नेपाल में नए साल के पहले ही दिन एक बड़ा विमान हादसा टल गया। शुक्रवार शाम को भद्रपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान बुद्धा एयर की फ्लाइट 901 रनवे से फिसल गई। सौभाग्य से इस घटना में कोई भी यात्री या क्रू मेंबर घायल नहीं हुआ। एयरलाइन ने बताया कि फ्लाइट में सवार 51 यात्री और चार क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विमान को सुरक्षित रूप से हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
विमान रनवे से फिसला, कोई घायल नहीं
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बुद्धा एयर की फ्लाइट को पायलट शैलेश लिंबू उड़ा रहे थे। रात करीब 9:08 बजे लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से आगे निकल गया और एयरस्ट्रिप के पास घास वाले इलाके में रुक गया। झापा के मुख्य जिला अधिकारी शिवराम गेला ने पुष्टि की कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। एयरलाइन ने बताया कि काठमांडू से एक टेक्निकल टीम भद्रपुर एयरपोर्ट भेजी गई है, जो विमान का निरीक्षण करेगी और घटना के कारणों की जांच करेगी।
कैसे हुआ हादसा ?
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, बुद्धा एयर की यह फ्लाइट भद्रपुर एयरपोर्ट की उस सेक्टर की आखिरी उड़ान थी। विमान को रात भर एयरपोर्ट पर रुकना था और अगले दिन सुबह काठमांडू के लिए उड़ान भरनी थी। वर्तमान में विमान को रनवे के किनारे से हटाने का काम जारी है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा किस वजह से हुआ। अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और जांच के बाद हादसे के कारणों का पला चल पाएगा।
नेपाल में विमान हादसों का पुराना इतिहास
नेपाल को दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण एविएशन क्षेत्रों में से एक माना जाता है, जहां विमान हादसों की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हैं पहाड़ी इलाके, अचानक बदलने वाला मौसम, पुराने विमान और कभी-कभी पायलट की त्रुटियां। साल 2000 के बाद से नेपाल में विमान और हेलीकॉप्टर हादसों में 350 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल में हवाई यातायात तेजी से बढ़ रहा है, खासकर पर्यटन के कारण, लेकिन सुरक्षा मानकों और निगरानी में सुधार की बेहद जरूरत है।





