नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को वर्ष 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। नॉर्वे की नोबेल समिति ने शुक्रवार को यह ऐलान करते हुए कहा कि मारिया को यह सम्मान लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए उनके सतत संघर्ष और प्रतिबद्धता के लिए दिया जा रहा है।दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल नोबेल शांति पुरस्कार के लिए इस बार कुल 338 नामांकन प्राप्त हुए थे, जिनमें 244 व्यक्ति और 94 संगठन शामिल थे। मचाडो का चयन इन सभी में से किया गया।
नॉर्वे के नोबेल संस्थान से यह बड़ी घोषणा
भारत के समयानुसार दोपहर 2:30 बजे नॉर्वे के नोबेल संस्थान से यह बड़ी घोषणा की गई। इसके साथ ही मारिया को अब विश्व मंच पर लोकतंत्र की बुलंद आवाज़ के रूप में देखा जा रहा है।
क्या मिलता है नोबेल शांति पुरस्कार में?
नोबेल शांति पुरस्कार के तहत विजेता को एक डिप्लोमा, सोने का पदक और एक बड़ी धनराशि दी जाती है। इस वर्ष यह पुरस्कार राशि 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 10.36 करोड़ रुपये) निर्धारित की गई है। हालांकि, इसके साथ किसी तरह की सरकारी सुविधा या सुरक्षा नहीं दी जाती।
नोबेल पुरस्कार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1901 में हुई थी। इसकी स्थापना प्रसिद्ध स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल ने की थी, जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था।
पहली बार यह पुरस्कार पांच क्षेत्रों में दिया गया था
भौतिकी
रसायन विज्ञान
शरीर विज्ञान या चिकित्सा
साहित्य
शांति
शांति का पुरस्कार विशेष रूप से नॉर्वे के ओस्लो शहर में दिया जाता है, जबकि अन्य सभी पुरस्कार स्वीडन के स्टॉकहोम में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किए जाते हैं।
सम्मान के मंच पर मारिया की मौजूदगी
नोबेल शांति पुरस्कार सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह उस संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है जो लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए किया जाता है। मारिया कोरीना मचाडो की यह जीत न केवल वेनेजुएला के लोगों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक प्रेरणा भी है।





