नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘रहबर एंघेलाब’ के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर यही नाम रखा है और इसी हैंडल के जरिए अपना पहला संदेश भी जारी किया। अपने संबोधन में उन्होंने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही। खास बात यह है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर 6 अलग-अलग भाषाओं में अकाउंट बनाए हैं, ताकि उनका संदेश दुनिया भर तक पहुंच सके।
पहले सुप्रीम लीडर कौन थे?
मुज्तबा से पहले ईरान के सुप्रीम लीडर उनके पिता Ali Khamenei थे। उनका आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट खामेनेई ईरान नाम से जाना जाता था, जहां से वे अपने बयान और संदेश जारी करते थे। हालांकि सीनियर खामेनेई का सोशल मीडिया अकाउंट अब भी सक्रिय बताया जा रहा है।
‘रहबर एंघेलाब’ का क्या है मतलब?
ईरानी साहित्यकारों के अनुसार एंघेलाब एक फारसी शब्द है, जिसका मतलब क्रांति या बड़ा परिवर्तन होता है। यह शब्द खास तौर पर Iranian Revolution के समय बहुत चर्चित हुआ था। उस दौर में तेहरान में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद एक प्रमुख सड़क का नाम एंघेलाब स्ट्रीट रखा गया था। वहीं ‘रहबर’ का अर्थ होता है मार्गदर्शक या नेतृत्व करने वाला व्यक्ति। इस तरह ‘रहबर एंघेलाब’ का पूरा अर्थ हुआ — क्रांति का मार्गदर्शक नेता। नया नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मुज्तबा के अकाउंट तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। सिर्फ दो दिनों के भीतर उनके अकाउंट पर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं।
कौन हैं मुज्तबा खामेनेई?
56 वर्षीय Mojtaba Khamenei, ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के दूसरे बेटे हैं। उन्होंने कम उम्र में ही राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी थी। 17 साल की उम्र में ईरान की सेना से जुड़े ईरान-इराक युद्ध के दौरान सैन्य गतिविधियों में हिस्सा लिया 1990 के दशक में सुप्रीम लीडर के कार्यालय से जुड़े 2022 में उन्हें अयातुल्ला की उपाधि दी गई इसके बाद वे ईरान की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगे। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के निधन के बाद देश की निर्णायक धार्मिक-राजनीतिक समिति ने नए सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया शुरू की। इस प्रक्रिया के बाद 8 मार्च को Mojtaba Khamenei को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया। ईरान की राजनीति में मुज्तबा खामेनेई का उदय एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ‘रहबर एंघेलाब’ नाम के जरिए वे खुद को क्रांति और नेतृत्व की परंपरा से जोड़कर पेश कर रहे हैं। आने वाले समय में उनकी नीतियां मध्य-पूर्व की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती हैं।




