नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में वैश्विक विकास की दिशा बदलने वाले तीन बड़े और दूरदर्शी प्रस्ताव रखे। अफ्रीका महाद्वीप पर पहली बार आयोजित हो रहे इस ऐतिहासिक सम्मेलन में पीएम मोदी ने समावेशी विकास पर जोर दिया और साफ कहा कि पुराने विकास मॉडल ने प्रकृति का अंधाधुंध दोहन किया है और बड़े समुदायों को संसाधनों से वंचित किया है।शनिवार को सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को मुख्यधारा में लाने की जरूरत दोहराई और भारत के ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के सिद्धांत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
पीएम मोदी के तीन बड़े प्रस्ताव
प्रधानमंत्री मोदी ने समावेशी विकास, सतत जीवन और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए ये तीन प्रमुख पहलें प्रस्तुत कीं।
1.ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपोजिटरी सदियों पुरानी ज्ञान परंपराओं (जैसे प्रकृति-संतुलन) को संरक्षित करना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना। यह भारत के “भारतीय ज्ञान प्रणालियां” मॉडल पर आधारित होगा।
2.G20 अफ्रीका कौशल गुणक पहल अफ्रीका के विकास के लिए ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल पर आधारित पहल। इसका लक्ष्य अगले 10 साल में एक मिलियन प्रमाणित ट्रेनर तैयार करना है, जिसे G20 देश फंड करेंगे।
3.ड्रग-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने पर G20 पहल फेंटानाइल जैसे सिंथेटिक ड्रग्स से उत्पन्न स्वास्थ्य, समाज और राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों से निपटने के लिए संयुक्त अभियान शुरू करना। यह तस्करी, अवैध वित्तीय नेटवर्क और आतंकी फंडिंग को रोकेगा।
‘विकास के नए मानक तय करने का समय’
पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि चूँकि अफ्रीका पहली बार G20 समिट की मेजबानी कर रहा है, यह सही समय है कि हम विकास के पैमानों को फिर से देखें। उन्होंने समग्र मानववाद के भारत के प्राचीन मूल्यों को दुनिया के लिए आगे बढ़ने का बेहतर रास्ता बताया।
मेलोनी समेत कई नेताओं से मुलाकात
G-20 शिखर सम्मेलन के इतर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विश्व नेताओं से मुलाकात की। इनमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ हुई द्विपक्षीय बातचीत प्रमुख रही, जहां दोनों नेताओं ने आपसी और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
G20 में शामिल देश
G20 समूह में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, तुर्किये, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और दो क्षेत्रीय संगठन (यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ) शामिल हैं।





