back to top
22.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

मिडिल ईस्ट में टकराव की आहट, जानें इजरायल और ईरान की सैन्य ताकत का फर्क

मीडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच घमासान युद्ध छिड़ा हुआ है जिसकी चपेट में कई अन्य देश भी आ गए हैं। ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है कि किस सैन्य ताकत कितनी है?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व एक बार फिर गंभीर तनाव के दौर में प्रवेश कर चुका है। Israel और United States द्वारा Iran के ठिकानों पर की गई कथित सैन्य कार्रवाई के बाद हालात तेजी से बदले हैं। इजरायल ने इसे “प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक” बताया है, जबकि ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। तेहरान, इस्फहान और अन्य शहरों में धमाकों की खबरों के बीच एक बड़ा सवाल उठ रहा है-अगर टकराव लंबा चला तो सैन्य ताकत में कौन भारी पड़ेगा?

सैनिक संख्या: ईरान आगे, लेकिन तस्वीर पूरी नहीं

संख्या के लिहाज से ईरान के पास बढ़त दिखाई देती है। अनुमानतः उसके पास करीब 6 लाख सक्रिय सैनिक और लगभग 3 लाख से अधिक रिजर्व बल है। वहीं इजरायल के पास लगभग 1.7 लाख सक्रिय सैनिक हैं, लेकिन उसकी रिजर्व फोर्स 4 लाख से ज्यादा प्रशिक्षित जवानों की मानी जाती है, जिन्हें तुरंत तैनात किया जा सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या से ज्यादा अहम है प्रशिक्षण, समन्वय और युद्ध का अनुभव-और इस मोर्चे पर इजरायल की सेना अत्यधिक तकनीकी और संगठित मानी जाती है।

वायु शक्ति: इजरायल की तकनीकी बढ़त

हवाई ताकत के मामले में इजरायल को स्पष्ट बढ़त हासिल है। उसके पास 600 से अधिक आधुनिक विमान हैं, जिनमें F-35 जैसे स्टेल्थ फाइटर जेट शामिल हैं। ये अत्याधुनिक रडार से बचने और सटीक हमले की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर ईरान के पास लगभग 500 के आसपास विमान हैं, लेकिन उनमें से कई पुराने मॉडल के हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण उनके अपग्रेड में कठिनाई रही है। ऐसे में सीधे हवाई मुकाबले की स्थिति में इजरायल मजबूत स्थिति में दिखता है।

मिसाइल ताकत: ईरान की क्षमता अधिक

जहां वायुसेना में इजरायल आगे है, वहीं मिसाइल क्षमता में ईरान को बड़ी ताकत माना जाता है। उसके पास हजारों बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें हैं, जो क्षेत्रीय स्तर पर खतरा पैदा कर सकती हैं। इजरायल की मिसाइल संख्या कम भले हो, लेकिन तकनीक अत्याधुनिक है। उसका मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम, खासकर Iron Dome, कम दूरी की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए जाना जाता है।

रक्षा बजट: बड़ा अंतर

रक्षा खर्च के मामले में इजरायल स्पष्ट रूप से आगे है। हालिया वर्षों में उसका वार्षिक रक्षा बजट 45 अरब डॉलर से अधिक रहा है और उसे अमेरिका से सैन्य सहायता भी मिलती है। ईरान का बजट इससे काफी कम है और वह अपेक्षाकृत कम लागत वाली रणनीतियों-जैसे ड्रोन और मिसाइल कार्यक्रम-पर ज्यादा ध्यान देता है।

जंग का गणित सीधा नहीं

सैन्य ताकत का आकलन केवल संख्या या हथियारों से नहीं किया जा सकता। भू-राजनीतिक समर्थन, साइबर क्षमता, खुफिया नेटवर्क और क्षेत्रीय गठबंधन भी अहम भूमिका निभाते हैं। अगर संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

Advertisementspot_img

Also Read:

Iran-Israel War का भारत पर क्या होगा असर, कैसे कच्चे तेल की कीमतों को करेगा प्रभावित?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की, जिससे मध्यपूर्व में तनाव चरम पर पहुँच गया है।...
spot_img

Latest Stories

LPG Crisis: भारत में कब-कब आया LPG गैस संकट? जानिए 2026 से पहले कब-कब लोगों को हुई गैस की किल्लत

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते...

Chaitra Navratri 2026: घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और नौ दिन की त्योहार की पूरी जानकारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और...

भारत में क्या है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया? विदेशों से कितनी अलग है पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट...

बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी 2: गोज...

कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व...

Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव...