नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गाजा पट्टी में इजरायल की बमबारी और बढ़ते मानवीय संकट को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इजरायल फिलिस्तीन में नरसंहार कर रहा है और भारत सरकार “शर्मनाक चुप्पी” साधे बैठी है। प्रियंका ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि 60 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें हजारों मासूम बच्चे शामिल हैं।
प्रियंका गांधी का तीखा हमला, बोलीं- ये चुप्पी भी एक अपराध है
प्रियंका गांधी ने लिखा इजरायल की हिंसा में अब तक 60,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। इनमें 18,430 बच्चे भी शामिल हैं। लाखों लोग भूख और बीमारी से जूझ रहे हैं। भारत जैसी लोकतांत्रिक सरकार की चुप्पी बेहद शर्मनाक है।”उन्होंने कहा कि इस तरह की चुप्पी अपराध को बढ़ावा देती है और ये खुद में एक अपराध है।
पत्रकारों की हत्या पर भी जताया शोक
प्रियंका ने अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की हत्या पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, सत्य की राह पर चलने वाले इन पत्रकारों को इजरायली हिंसा ने खामोश कर दिया, लेकिन इनकी आवाज कभी दबेगी नहीं। ये असली पत्रकारिता का प्रतीक हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। इस पर इजरायली राजदूत का पलटवार, कहा- हमास के आंकड़े मत मानो, प्रियंका गांधी के बयान पर भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, शर्मनाक बात तुम्हारा भ्रम फैलाना है। इजरायल ने 25,000 हमास आतंकियों को मारा है, न कि निर्दोष नागरिकों को।
उन्होंने यह भी कहा कि हमास ही आम नागरिकों को ढाल बनाता है और गाजा में आई मानवीय त्रासदी के लिए वही जिम्मेदार है। इजरायली दूतावास का कहना है कि इजरायल ने अब तक 20 लाख टन से ज्यादा भोजन गाजा में पहुंचाया है, लेकिन हमास उसे जब्त कर लेता है।
भारत सरकार का संतुलित रुख, टू-स्टेट समाधान का समर्थन
भारत ने अब तक कोई सीधा पक्ष नहीं लिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने कहा, भारत टू-स्टेट सॉल्यूशन दो राष्ट्र समाधान का समर्थक है। हमारी प्राथमिकता यह है कि गाजा में बिना किसी रुकावट के मानवीय सहायता पहुंचे।गाजा में हो रहे खूनी संघर्ष की आंच अब भारत की राजनीति तक आ पहुंची है। विपक्ष सरकार की “चुप्पी” को अंतरराष्ट्रीय नैतिकता के खिलाफ बता रहा है, तो सरकार अब भी कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश में है।साथ ही मानवीय सहायता बिना रुकावट गाजा तक पहुंचे। अब वहीं प्रियंका गांधी जहां इसे एक मानवीय संकट बता रही हैं, वहीं इजरायली दूतावास इसे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करार दे रहा है।





