नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत की राजधानी दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट की जांच जारी है, और हालांकि भारत सरकार या एजेंसियों ने सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम नहीं लिया है, लेकिन पड़ोसी मुल्क में घबराहट शुरू हो गई है। पाकिस्तानी मीडिया और एक्सपर्ट्स खुलकर भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई के डर को व्यक्त कर रहे हैं।
पाकिस्तान सरकार और मीडिया में खौफ
पाकिस्तानी पत्रकार आरजू काजमी ने कहा कि, पाकिस्तान की सरकार और स्टेट इस वक्त खौफ में है। उन्हें डर है कि अगर जांच में कोई भी सबूत मिला तो भारत पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा कर सकता है।काजमी ने कहा कि,मामलात बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं और दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है।
अफसोस न जताने पर सवाल
आरजू काजमी ने पाकिस्तान की शहबाज सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर अफसोस न जताए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। पाकिस्तान की तरफ से अभी तक गवर्नमेंट की तरफ से कोई ऐसा स्टेटमेंट नहीं दिया गया है जिसमें अफ़सोस जताया गया हो। इस तरह के हमले पर जब तक आप ये नहीं जताएंगे कि आप इसमें शामिल नहीं हैं तो यकीनन दूसरी तरफ एक गलत मैसेज ही जाएगा।
एक अन्य जर्नलिस्ट आलिया ने कहा कि, जिस तरह पाकिस्तान में वारदात होने पर भारत पर इल्जाम लगता है, उसी तरह भारत भी पाकिस्तान पर इल्जाम क्यों न लगाए। जर्नलिस्ट साबिर शाकिर ने भी आशंका जताई है कि दिल्ली धमाकों का इल्जाम पाकिस्तान पर ही आएगा।
पैनिक की मुख्य वजह
पाकिस्तान में घबराहट फैलने की मुख्य वजह भारत का कड़ा रुख और सीमा पर चल रहे सैन्य अभ्यास हैंभारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद साफ कर दिया था कि अब आतंकी हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी भी आतंकी हमले को भारत पर सीधा हमला माना जाएगा, जिसका उसी तरह से जवाब दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस ब्लास्ट की साजिश रचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान में पाकिस्तान बॉर्डर के पास भारत की सेना द्वारा एक्सरसाइज त्रिशूल चल रहा है, जिसके तहत रेगिस्तान में टैंक और अपाचे हेलीकॉप्टर दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने का अभ्यास कर रहे हैं।इसके तहत हाईवे लैंडिंग और ड्रोन हमले जैसे अभ्यास किए जाएंगे पाकिस्तान में यह डर है कि बॉर्डर पर मौजूद ये भारतीय टैंक और सैन्य दल कभी भी सीमा पार कर जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।




