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Tuesday, April 7, 2026
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BJP उम्मीदवार सुनील सांगवान ने चरखी दादरी से जीता चुनाव, जेल अधीक्षक रहते हुए राम रहीम को 6 बार दी थी पैरोल

BJP विधायक सुनील सांगवान ने चरखी दादरी विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की है। हाल में ही डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अपने कार्यकाल में 6 बार पैरोल देने को लेकर चर्चा में आए थे।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम 8 अक्टूबर 2024 को जारी हो चुके हैं। चुनाव आयोग ने जब 8 अक्टूबर की सुबह वोटों की काउंटिंग शुरू की थी, तो शुरूआती रुझानों में कांग्रेस को बढ़त मिलती हुई दिख रही थी। लेकिन दोपहर तक बीजेपी ने चुनाव आयोग के रुझानों में बहुमत के साथ बढ़त हासिल कर ली थी और शाम को चुनाव आयोग ने चुनावों के परिणामों को घोषित कर दिया था। जिसमे बीजेपी को शानदार जीत मिल गयी। जिसके बाद से बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल बना हुआ है। हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणामों में चरखी दादरी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार सुनील सांगवान ने भी जीत हासिल की। 

कांग्रेस उम्मीदवार मनीषा सांगवान को 1,957 मतों से हराया

सुनील सांगवान हाल में ही चरखी दादरी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार बनने के बाद चर्चा में आए थे। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मनीषा सांगवान को 1,957 मतों से हराया है। बता दें कि सुनील सांगवान हरियाणा की उस जेल के अधीक्षक थे, जहां डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बंद किया गया था। भारतीय जनता पार्टी ने सुनील सांगवान का नाम 5 सितंबर 2024 को ही अपने 67 उम्मीदवारों की पहली सूची में शामिल कर लिया था।

सुनील सांगवान रोहतक की सुनारिया जेल के पूर्व अधीक्षक थे

चरखी दादरी विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज करने वाले बीजेपी उम्मीदवार सुनील सांगवान हरियाणा की रोहतक की सुनारिया जेल के पूर्व अधीक्षक थे। जहां डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम रेप के आरोप में बंद था। बता दें कि सुनील सांगवान के जेल अधीक्षक के कार्यकाल में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 6 बार पैरोल दी गई थी। सुनील सांगवान ने हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपने सारे पदों से इस्तीफा दे दिया था और बीजेपी में शामिल हो गए थे।

सुनील सांगवान सतपाल सांगवान के बेटे हैं

जब सुनील सांगवान बीजेपी में शामिल हुए थे तो विपक्ष ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को उनके कार्यकाल में 6 बार पैरोल देने का मुद्दा बड़े जोरों के साथ उठाया था। इसको लेकर सुनील सांगवान खूब मीडिया की सुर्खियों में रहे थे। हालांकि यह विपक्ष का मुद्दा हो सकता है, लेकिन किसी को भी पैरोल देने की एक पूरी कानूनी प्रक्रिया होती है, जिसपर हमारा सवाल उठाना उचित नहीं होगा। बता दें कि सुनील सांगवान सतपाल सांगवान के बेटे हैं। सतपाल सांगवान जुलाई में कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे।

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