नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत और 90 के दशक की सुपरहिट एक्ट्रेस रवीना टंडन ने अपने फ़िल्मी करियर में जो मुकाम हासिल किया, वह शायद उनकी योजना में ही नहीं था। रवीना टंडन भले ही बॉलीवुड की सफल अभिनेत्री बनीं, लेकिन उनका बचपन का सपना डायरेक्टर बनने का था। आपको जानकर हैंरानी होगी कि, उनकेकरियर में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब उनके बॉस ने उन्हें एक ऐसी सलाह दी, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।
पिता की राह पर चलना चाहती थीं रवीना
रवीना के दिवंगत पिता रवि टंडन फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्माता व निर्देशक थे। रवीना ने महज़ आठ साल की उम्र में ही पिता को उनकी एक फिल्म में असिस्ट किया था। इस अनुभव के बाद, 10वीं की पढ़ाई पूरी करते ही उन्होंने तय कर लिया था कि वह भी कैमरे के पीछे काम करेंगी।
फिल्ममेकिंग सीखने और प्री और पोस्ट प्रोडक्शन की बारीकियां समझने के लिए उन्होंने प्रसिद्ध ऐड डायरेक्टर प्रहलाद कक्कड़ के यहां इंटर्नशिप शुरू कर दी। प्रहलाद कक्कड़ को वह अपना बॉस मानती थीं।
बस एक सवाल और मिल गई ‘पत्थर के फूल’
कॉलेज की पढ़ाई के दौरान भी रवीना, प्रहलाद कक्कड़ के साथ काम कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें फिल्मों के ऑफर आने शुरू हुए, लेकिन वह हर बार इनकार कर देती थीं। एक्ट्रेस बनने से उनका सख्त परहेज था।
रवीना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके बॉस प्रहलाद कक्कड़ ने ही उनकी ज़िंदगी को एक निर्णायक मोड़ दिया। प्रहलाद अक्सर उनसे कहते थे, तुम कैमरे के पीछे कब तक रहोगी, तुम्हें आगे आना चाहिए, तुम एक्ट्रेस क्यों नहीं बन जाती?
बस, इसी सलाह को मानकर जब रवीना को सलमान खान के साथ फिल्म ‘पत्थर के फूल’ ऑफर हुई, तो उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया। 1991 में इस फिल्म के जरिए रवीना ने बतौर लीड एक्ट्रेस हिंदी सिनेमा में धमाकेदार एंट्री की।
सफलता का सफरनामा
अपने डेब्यू के बाद रवीना ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह ‘मोहरा’, ‘दूल्हे राजा’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, आज भी हिंदी सिनेमा में सक्रिय रवीना टंडन, कैमरे के पीछे रहने की ख्वाहिश को छोड़कर, सामने आकर सफलता के शिखर तक पहुंचीं आज भी वह बॉलीवुड की सबसे सक्रिय और पसंदीदा अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। रवीना टंडन की कहानी यह साबित करती है कि कभी-कभी सही सलाह और सही अवसर ही जिंदगी बदल देते हैं।




