नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बकरीद आते ही सोशल मीडिया पर वेज-नॉन वेज खाने पर बहस शुरू हो जाती है। बकरीद के विरोध में कई लोग शाकाहार के फायदों पर लंबे-लंबे पोस्ट लिखने लगते हैं। ऐसे लोगों को एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने करारा जवाब दिया है।
दरअसल नलिनी उनागर नाम की एक फूड ब्लॉगर हैं। वो अक्सर अपने पोस्ट में शाकाहार को प्रमोट करती हैं। ट्वीट किया, “मुझे गर्व है कि मैं एक वेजिटेरियन हूं। मेरे खाने की प्लेन में आंसू, क्रूरता और अपराधबोध नहीं है।”
नलिनी के इस पोस्ट पर कई लोगों ने रिएक्ट किया है। राहिल मोहम्मद नाम के एक यूजर ने लिखा, “शाकाहार एक फूड चॉइस है। ये किसी और फूड चॉइस से मॉरली या एथिकली ऊपर नहीं है। पौधों में भी जान होती है।”
इस पर भी नलिनी ने अपना एक पुराना ट्वीट रिट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा था, ‘जब घर में आग लगती है तो आप किसे बचाएंगे, कुत्ते को या पौधे को? अगर दोनों में जान है और दोनों ज़रूरी हैं तो आप पहले पौधे को क्यों नहीं बचाते? पौधे प्रसव के दर्द नहीं गुज़रते, जानवर गुज़रते हैं। पौधों को दर्द नहीं होता, जानवरों को होता है। पौधों की तुलना जानवरों से करने से पहले दो बार सोचें।’
स्वरा भास्कर ने दिया जवाब
इस पर जवाब देते हुए स्वरा भास्कर ने लिखा, ‘सच कहूं तो मुझे वेजीटेरियन लोगों की ये बात समझ नहीं आती। आप लोगों की सारी डाइट गाय के नन्हें बछड़ों को उनकी माँ के दूध से वंचित करके, गायों को जबरन गर्भवती करके, फिर उन्हें उनके बच्चों से अलग कर देने और उनका दूध चुराने से बनती है। इसके अलावा आप जड़ वाली सब्जियां खाते हैं, इससे पूरा पौधा ही खत्म हो जाता है! सिर्फ इसलिए कि आज बकरीद है आप खुद को पुण्यात्मा बताना बंद करें!’
मुखर होने की वजह से नहीं मिलता काम
हाल ही में एक इंटरव्यू में स्वरा ने बताया कि मुखर होने की वजह से उन्हें काम मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उन्हें विवादास्पद होने का टैग दे दिया गया है, ऐसे में डिस्ट्रिब्यूटर्स और प्रमोटर्स पहले ही हाथ खड़े करने लगते हैं। बता दें कि बेटी राबिया के जन्म के बाद से स्वरा काम से दूर हैं।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें- Hindi News Today: ताज़ा खबरें, Latest News in Hindi, हिन्दी समाचार, आज का राशिफल, Raftaar – रफ्तार:




