नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। भारत लगातार नई ऊंचाईयों को छू रहा है। लेकिन इसके बाद भी यहां कई बार जातिगत भेदभाव की घटना सामने आती है। ऐसा ही कुछ तमिल सिनेमा के मशहूर संगीतकार और भाजपा द्वारा मनोनीत राज्य सभा सांसद इलैयाराजा के साथ हुआ है। ये घटना तब हुई जब इलैयाराजा मंदिर जान चाहते थे लेकिन उन्हें तमिलनाडु के श्रीविल्लिपुथुर के आंदल मंदिर के गर्भगृह में जाने से रोक दिया गया।
ऐसा है पूरा मामला
प्रसिद्ध संगीतकार और राज्यसभा सांसद इलैयाराजा जब दर्शन करने के लिए तमिलनाडु के श्रीविल्लिपुथुर के आंदल मंदिर में जाने लगे तब जातिगत भेदभाव के कारण मंदिर के पुजारी ने उन्हें गर्भगृह में प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद उन्हें वहां से बाहर निकाल दिया गया। घटना ने सनसनी मचा दी है। ऑनलाइन इसपर काफी विवाद खड़ा हो गया है। कई यूजर्स ने इलैयाराजा के खिलाफ की गई कार्रवाई पर अपनी असहमति व्यक्त की है और पारंपरिक प्रोटोकॉल के पालन पर सवाल उठाए हैं।
प्रोटोकॉल उल्लंघन न करने को कहा
मंदिर में मौजूद अधिकारियों ने प्रोटोकॉल के मंदिर का उल्लंघन के बारे में बात करते हुए इलैयाराजा को मंदिर के गर्भगृह में जाने की इजाजत नहीं दी।इसके बाद जब उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। तो इलैयाराजा बाहर से ही प्रार्थना करने के लिए आगे बढ़े और पुजारियों ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया। इस पुरे घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
इलैयाराजा का संगीत करियर
इलैयाराजा एक नमी संगीतकार हैं। उन्होंने अब तक कई फिल्मों में संगीत दिया है। उन्होंने मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय भाषाओं में बनी फिल्मों में संगीत दिया है।इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने अब तक 7000 हजार से ज्यादा गीतों की रचना की है।उनके संगीत की भी सब तारीफ करते हैं उन्हें “इसैज्ञानी” के उपनाम से जाना जाता है।
पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था
इलैयाराजा को अब तक कई प्रकार के पुरस्कार से भी नवजा जा चूका है। इलैयाराजा को शताब्दी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें पांच नेशनल अवार्ड मिले हैं। भारत ने उन्हें 2010 में पद्मभूषण से और 2018 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया था। 2012 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।




