नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और कलाकार चंद्रिका टंडन को रविवार को उनके एल्बम त्रिवेणी के लिए बेस्ट न्यू एज, चैंट एल्बम श्रेणी में 67वें ग्रैमी अवार्ड्स मिला है। चंद्रिका टंडन भारतीय मूल की हैं और वह पेप्सिको की पूर्व CEO इंदिरा नूई की बड़ी बहन हैं।
क्या है Triveni जिसके लिए Grammy Award मिला
त्रिवेणी एक ऐसा एल्बम है जिसमें प्राचीन मंत्रों को विश्व संगीत के साथ मिलाया गया है। वहीं 71 वर्षीय कलाकार चंद्रिका टंडन ने बेस्ट न्यू एज, चैंट एल्बम श्रेणी में अपने हालिया सहयोगी एल्बम के लिए प्रतिष्ठित ग्रामोफोन जीता है। जिसे टंडन ने सात ट्रैक वाले इस एल्बम का उद्देश्य “आंतरिक उपचार” बताया। तीन नदियों के संगम के नाम पर इस एल्बम में सदियों पुराने वैदिक मंत्रों को प्रस्तुत करने उनका साथ दक्षिण अफ्रीकी बांसुरी वादक वाउटर केलरमैन और साथी जापानी सेलिस्ट इरु मात्सुमोतो ने दिया।
रूढ़िवादी परिवार में पली-बढ़ी
लॉस एंजिल्स में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को प्राप्त करते समय चंद्रिका टंडन ने बताया, कि संगीत उनके लिए प्रेम है, संगीत सभी के भीतर एक उजाले को जलाता है। और हमारे सबसे बुरे दिनों में भी संगीत किसी न किसी रुप में काम ही आता है। जैसें, खुशी हो तो प्रेम और हंसी फैलाता है।दुखं हों तो सबक । चेन्नई के रूढ़िवादी मध्यमवर्गीय परिवार में पली-बढ़ी और क्रिश्चियन कॉलेज से पढ़ी चंद्रिका कृष्णमूर्ति टंडन और उनकी छोटी बहन इंद्रा के इर्द-गिर्द संगीत ही संगीत रहा है। चूँकि परिवार सामवेद की शिक्षाओं में निहित होने के नाते, कर्नाटक संगीत के अलावा भी वैदिक मंत्र पारंपरिक परवरिश का हिस्सा रहे।
न्यूयॉर्क स्थित टंडन कैपिटल एसोसिएट्स की स्थापना भी की
वही चंद्रिका की बहन इंद्रा नूयी ने 12 साल तक पेप्सिको के सीईओ के रूप में भी कार्यभार संभाला। और इसी के साथ दुनिया के व्यापार में 50 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक उद्यमी महिला बन गईं। मैकिन्से में पहली भारतीय-अमेरिकी के रुप में टंडन पहली महिला भागीदार थीं, उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित टंडन कैपिटल एसोसिएट्स की स्थापना भी की, जो संस्थानों के पुनर्गठन पर काम करती आई है।
न्यूयॉर्क स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग को 100 मिलियन डॉलर का दान दिया
आईआईएम अहमदाबाद से स्नातक करने के बाद, टंडन वैश्विक व्यापार नेता और परोपकारी बन गईं, जिन्होंने अपने पति रंजन के साथ मिलकर साल 2015 में न्यूयॉर्क स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग को 100 मिलियन डॉलर का दान भी दिया था। वहीं इस दान से प्रभावित हो इस संस्थान ने अपने नाम के साथ टंडन नाम भी जोड़ लिया है।
शास्त्रीय गायिका शुभ्रा गुहा और गायक गिरीश से संगीत सीखने वाली टंडन को साल 2010 में उनके एल्बम ओम नमो नारायण के लिए पहली बार ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया था।
नोरा जोन्स ने भी जीता अवॉर्ड
दिलचस्प बात यह है कि इस साल भी उन्हें निर्माता रिकी केज, सितार वादक अनुष्का शंकर और भारतीय मूल की ब्रिटिश कलाकार राधिका वेकारिया के साथ नामांकित किया गया था। पंडित रविशंकर की बेटी अनुष्का शंकर को अब तक लगभग 11 बार नामांकित किया जा चुका है। उनकी सौतेली बहन नोरा जोन्स ने भी अपने नौवें स्टूडियो एल्बम विज़न्स के लिए सर्वश्रेष्ठ पारंपरिक पॉप वोकल एल्बम का पुरस्कार जीता।





