नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान की पत्नी और मशहूर फिल्म निर्माता व इंटीरियर डिजाइनर गौरी खान आज अपना जन्मदिन मन रही हैं। इस खास दिन पर चलिए उनकी लाइफ और करियर का किस्सा जानते हैं।
एक साधारण परिवार से मुंबई की चमक-दमक तक का सफर
गौरी खान का जन्म 8 अक्टूबर को एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज से इतिहास में ऑनर्स की डिग्री हासिल की। इसके अलावा, उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में अपनी रुचि को देखते हुए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) से 6 महीने का कोर्स भी किया। शुरुआती दिन दिल्ली में गुजरे, जहां उनकी मुलाकात शाहरुख खान से हुई, जो तब 18 साल के थे। गौरी सिर्फ 14 साल की थीं, जब दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। हालांकि, उनके रिश्ते को लेकर गौरी के परिवार में कुछ असहमति भी थी।
25 अक्टूबर 1991 को दोनों ने शादी कर ली।
मुश्किलों के बावजूद, गौरी ने अपने दोस्तों के साथ मुंबई आकर शाहरुख से मुलाकात की, जिसने दोनों के बीच के रिश्ते को और मजबूत किया। आखिरकार, 25 अक्टूबर 1991 को दोनों ने शादी कर ली। उस वक्त शाहरुख खान का फिल्मी सफर शुरू भी नहीं हुआ था।
परिवार की खुशियां: तीन बच्चे और मजबूत रिश्ते
गौरी और शाहरुख के तीन बच्चे हैं—बड़ा बेटा आर्यन (1997 में जन्मा), बेटी सुहाना (2000 में जन्मी) और सबसे छोटे बेटे अबराम (2013 में सरोगेसी के ज़रिए जन्मे)। परिवार में प्रेम और समझदारी की मजबूत नींव रखने वाली गौरी ने हमेशा अपने बच्चों की पढ़ाई और उनके करियर को प्राथमिकता दी। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे अपनी पहचान खुद बनाएं, न कि केवल शाहरुख खान के बच्चों के रूप में जाने जाएं।
रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट के सह-संस्थापक
गौरी खान ने 2002 में शाहरुख खान के साथ मिलकर ‘रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट’ की स्थापना की। यह कंपनी बॉलीवुड की सफल प्रोडक्शन हाउस में से एक है, जिसने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में प्रोड्यूस कीं, जिनमें ‘ओम शांति ओम’, ‘मैं हूँ ना’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’, ‘हैप्पी न्यू ईयर’ और ‘डियर ज़िंदगी’ शामिल हैं। गौरी ने इस प्रोडक्शन हाउस के तहत कई फिल्मों की सह-निर्माता के तौर पर भूमिका निभाई और फिल्मों के चयन, निर्माण, प्रचार-प्रसार से लेकर वितरण तक हर चरण में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
इंटीरियर डिज़ाइनिंग में भी स्थापित नाम
फिल्म निर्माता होने के साथ-साथ गौरी ने अपने फैशन और डिज़ाइनिंग ज्ञान का उपयोग कर इंटीरियर डिज़ाइनिंग में भी अपनी अलग पहचान बनाई। मुंबई के बांद्रा में स्थित उनका घर ‘मन्नत’ शाहरुख खान का निवास स्थल और देशभर के फैंस के लिए तीर्थस्थल बन चुका है। गौरी ने इस घर का नवीनीकरण और सजावट खुद की कला से किया।
कई सेलिब्रिटी और व्यवसायी भी पसंद करते हैं।
2011 में, गौरी खान ने अपनी दोस्त सुज़ैन खान के साथ ‘चारकोल प्रोजेक्ट फाउंडेशन’ की स्थापना की, जो डिजाइन और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देता है। 2017 में उन्होंने मुंबई में अपना डिज़ाइन स्टूडियो ‘गौरी खान डिज़ाइन्स’ लॉन्च किया, जो आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना चुका है। उनके डिज़ाइन में भारतीय और आधुनिक तत्वों का मिश्रण देखा जाता है, जो कई सेलिब्रिटी और व्यवसायी भी पसंद करते हैं।
परिवार और करियर के बारे में गौरी के दिल से शब्द
गौरी खान ने कई बार खुलकर अपने परिवार और करियर को लेकर बातचीत की है। उन्होंने कहा,मेरा व्यक्तित्व शाहरुख से कहीं ज्यादा मजबूत है। वह मेरे लिए सिर्फ सुपरस्टार नहीं, बल्कि मेरे पति हैं। घर में वह हमेशा एक प्यार करने वाले पति और पिता होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शाहरुख उनके काम में हमेशा उनका समर्थन करते हैं और उनके बच्चे भी उनके डिज़ाइनिंग स्टूडियो में आते हैं, काम की तारीफ करते हैं और प्रेरणा देते हैं।
समर्पण, संघर्ष और सफलता की मिसाल
गौरी खान की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सुपरस्टार की पत्नी होने के साथ-साथ खुद की पहचान बनाना भी कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने परिवार को कभी पीछे नहीं रखा और न ही अपने सपनों को। आज, 53 साल की उम्र में, गौरी खान न केवल बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शुमार हैं, बल्कि वह एक सफल व्यवसायी, निर्माता और डिज़ाइनर के रूप में भी अपनी चमक बिखेर रही हैं। गौरी खान को उनके 53वें जन्मदिन पर उनके प्रशंसक और फैंस की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। उनकी यह प्रेरणादायक यात्रा आने वाले वर्षों में भी यूं ही चमकती रहे।




