नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 14 नवंबर पूरे देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह दिन बच्चों की मुस्कान और मासूमियत के नाम होता है। हिन्दी सिनेमा की बात करें तो कई ऐसे बाल कलाकार हुए हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी अदाकारी और सहजता से दर्शकों का दिल जीत लिया था। फिल्मों और टीवी की दुनिया में इनकी लोकप्रियता किसी बड़े सितारे से कम नहीं थी। लेकिन समय के साथ कैमरे की चमक फीकी पड़ती गई और ये चेहरे बड़े होकर धीरे-धीरे गुमनामी में खो गए। बाल दिवस के मौके पर आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही बाल कलाकारों के बारे में, जिनकी मासूमियत आज भी याद है, मगर जिनका भविष्य परदे से दूर रहकर बीत रहा है।
हुजान खोदैजी
‘मिस्टर इंडिया’ की टीना, जिसकी मासूमियत आज भी याद है
साल 1987 की सुपरहिट फिल्म मिस्टर इंडिया में बच्चों की पूरी टोली थी, लेकिन जिस किरदार ने दर्शकों को सबसे ज्यादा भावुक किया, वह थी टीना। यह भूमिका निभाई थी हुजान खोदैजी ने।
बम धमाके में टीना की मौत वाला दृश्य दर्शकों की आंखें नम कर देता है।
फिल्म की सफलता के बावजूद हुजान ने आगे फिल्मों में काम नहीं किया।
वर्तमान में वे मार्केटिंग सेक्टर में कार्यरत हैं और अपने फिल्मी करियर से पूरी तरह दूरी बनाए हुए हैं।
विशाल देसाई
अमिताभ-जितेंद्र के बचपन का चेहरा, बड़े होकर परदे से गायब
70 और 80 के दशक में कई फिल्मों में किसी भी बड़े अभिनेता की बचपन की भूमिका की बात आती तो मास्टर बिट्टू का नाम जरूर सामने आता।
मास्टर बिट्टू का असली नाम विशाल देसाई है।
उन्होंने अमिताभ बच्चन, जितेंद्र और कई बड़े सितारों के बचपन के किरदार निभाकर खूब पहचान बनाई थी।
लेकिन बड़े होने पर उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी और डायरेक्शन व प्रोडक्शन के क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया।
सना सईद
‘कुछ-कुछ होता है’ की अंजलि, जिसे देख हर कोई मुस्कुरा देता था
शाहरुख खान और रानी मुखर्जी की फिल्म कुछ-कुछ होता है में प्यारी-सी अंजलि बनी सना सईद को कौन नहीं जानता?
उनकी मासूम अदाओं ने दर्शकों के दिल में जगह बनाई।
हालांकि आगे चलकर वे फिल्मों में उसी तरह नहीं चमक सकीं।
आज वे फिल्मों और टीवी से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं और अपनी ग्लैमरस तस्वीरों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं।
झनक शुक्ला
‘कल हो ना हो’ की Gia, जिसने टीवी पर भी बनाया खास पहचान
फिल्म कल हो ना हो में प्रीति जिंटा की छोटी बहन Gia के रूप में झनक शुक्ला बेहद प्यारी लगी थीं।
टीवी सीरियल करिश्मा का करिश्मा में ‘रोबोट गर्ल’ बनकर भी उन्होंने लोकप्रियता हासिल की थी।
लेकिन उम्र बढ़ने के साथ झनक ने लाइमलाइट से दूरी बना ली।
फिलहाल वे विवाहिता हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं।
परजान दस्तूर: तारे गिनने वाला छोटा बच्चा जिसे आज भी याद करते हैं लोग
कुछ-कुछ होता है में पगड़ी पहनकर आसमान में तारे गिनने वाला नन्हा बच्चा परजान दस्तूरएक पल में दर्शकों का दिल जीत लेता था।
उन्होंने कुछ विज्ञापनों और सिकंदर (2009), ब्रेक के बाद (2010) जैसी फिल्मों में भी काम किया, लेकिन ये भूमिकाएं ज्यादा ध्यान नहीं खींच सकीं।धीरे-धीरे वे भी गुमनाम हो गए और फिल्मी दुनिया से दूर हो गए।
दर्शील जाफरी: ‘तारे जमीन पर’ का ईशान, जो कुछ ही साल में ओझल हो गया
आमिर खान की फिल्म तारे जमीन पर (2007) में ईशान का किरदार निभाकर दर्शील जाफरी ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
डिस्लेक्सिया से जूझते बच्चे की भूमिका को उन्होंने गजब की संवेदनशीलता के साथ निभाया था।
इसके बाद उन्होंने कुछ फिल्मों और विज्ञापनों में काम किया, लेकिन वे पहले जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाए।
आज दर्शील सार्वजनिक जीवन से काफी दूर हैं और शांत जीवन बिता रहे हैं।
बचपन में ये चेहरे फिल्म और टीवी की दुनिया में चमकते सितारे थे।
आज भले ही ये गुमनाम हैं, लेकिन दर्शकों की यादों में इनकी मासूमियत और अभिनय आज भी दर्ज है।
बाल दिवस पर ऐसे कलाकारों को याद करना इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने हमारे बचपन को भी यादगार बनाया है।





