नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। सुपरस्टार जितेंद्र के बेटे और एकता कपूर के भाई तुषार कपूर ने फिल्मों में करियार बनाने के लिए काफी मेहनत की। तुषार ने फिल्म “मुझे कुछ कहना है” से फिल्मों में डेब्यू किया था जो सुपरहिट रही। हालांकि तुषार को फिल्म इंडस्ट्री में ज्यादा सक्सेस नहीं मिली है। अपने 23 साल के करियर में तुषार ने भले ही कई फ्लॉप फिल्में दी है मगर वो उन पिताओं में से एक है जिन्हें लोग आदर्श मानते हैं। आज तुषार अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। चलिए इस मौके पर हम आपको एक्टर से जुड़े किस्से बताते है।
सेरोगेसी से पिता बने तुषार कपूर
एक्टर और डायरेक्टर तुषार कपूर एक सिंगल पेरेंट हैं। साल 2016 में सेरोगेसी के जरिए वे अपने बेटे लक्ष्य के पिता बने। तुषार ने एक पुस्तक बैचलर डैड लिखी है। PTI के साथ बातचीत में तुषार ने पिता बनने के कई चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “बहुत से लोग मेडिकल पहलुओं के बारे में उत्सुक थे यहां तक कि इस बात पर भी विचार कर रहे थे कि क्या मुझे गोद लेना चाहिए या सिर्फ शादी कर लेनी चाहिए। लोगों की अपनी-अपनी धारणाएं थीं। किसी ने भी वास्तव में नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। बहुत सकारात्मकता थी, सभी सहायक थे।”
आगे तुषार बताते है लोगों को इस बारे में सवाल थे कि उनकी यात्रा कैसी होगी। इसलिए उन्होंने उपनी पुस्तक बैचलर डैड लिखी है। एक्टर ने यह भी बताया की पिता बनने से पहले वे घबराए हुए थे।
क्यों बने सिंगल फादर?
तुषार कपूर बिना शादी किए ही एक बेटे के पिता बने इसके बाद से ही लोगों के दिमाग में सवाल चल रहा था कि उनको सेरोगेसी से पिता बनने की क्यों जरुरत पड़ी। आपको बता दें कि तुषार नॉर्मल तरीके से हर लड़के की तरह से ही पिता बनना चाहते थे। मगर उनकी शादी नहीं हो पा रही थी, जिस वजह से अपनी संतान को इस दुनिया में लाना पॉसिबल नहीं था।
तुषार का कहना है कि जब वे तिरुपति चेन्नई फ्लाइट में थे तब उन्हें प्रकाश झा मिले जिनसे एक्टर ने अपनी बाते शेयर की और प्रकाश झा ने उन्हें सेरोगेसी के बारे में बताया जिसके बाद उन्हें डॉक्टर से भी मिलवाया था। तुषार हमेशा से ही लव मैरेज करना चाहते थे मगर जब 40 साल तक की उम्र में उन्हें अपना प्यार नहीं मिला तो उन्होंने शादी करने का सपना छोड़ पिता बनने की ठान ली।





