नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। अदिति राव हैदरी न केवल हिंदी फिल्म इंड्रस्ट्री बल्कि साउथ की फिल्मों में भी अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाती हैं। वो बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों में एक्टिव हैं। अदिति एक प्रसिद्ध तैयबजी-हैदरी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हाल ही में 16 सितंबर को अदिति ने अपने बायफ्रेंड के साथ शादी कर ली। शादी की फोटोज सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हुई थी। आज एक्ट्रेस अपना 38वां जन्मदिन मना रही हैं। इस अवसर पर उनसे जुड़े किस्से से रुबरु कराएंगे।
अदिति राजघराने से ताल्लुक रखती है
अदिति राव हैदरी का जन्म 28 अक्टूबर, 1986 हैदराबाद के तेलंगाना में हुआ है। अदिती एक राजघराने से आती हैं। अदिती राजा अकबर की परपोती और मोहम्मद अकबर की भतीजी हैं। उनके पिता अहसान एक इंजीनियर और मां विद्या राव एक शास्त्रीय गायिका हैं। जब अदिति 2 साल की थी तब ही उनके माता पिता का तलाक हो गया था।
हीरामंडी में अपने किरदार पर क्या कहा?
एक इंटरव्यू में जब अदिति से हीरामंडी में वेश्या की भूमिका के बारे में पूछा गया तो एक्ट्रेस ने कहा, ‘संजय सर महिलाओं और महिला पात्रों का सम्मान करते हैं। वह जो कहानियां बना रहे हैं उनके लिए उनके दिल में बहुत प्यार और रिस्पेक्ट है। इसलिए लोग उनके किरदारों को याद रखते हैं। वह उन्हें सिर्फ कार्डबोर्ड के कटआउट की तरह नहीं बनाते। इस सीरीज में बहुत कुछ है करने के लिए और मुझे शानदार सह-कलाकार भी मिले हैं। यह सच में एक बोनस है।’
बड़े डायरेक्टर्स के साथ काम करने के लिए खुद को भाग्यशाली मानती हैं
अदिति ने बड़े डायरेक्टर्स के साथ काम किया हैं। जैसे सुधीर मिश्रा, संजय लीली भंसाली और मणिर्तनम जिनके लिए अदिति का कहना हैं, ‘वे सच में महान फिल्म निर्माता हैं। दर्शक उनकी फिल्मों को लंबे समय तक याद रखते हैं और बार-बार देखते हैं। उनकी फिल्में कल्ट फिल्में बन जाती हैं।’ अदिति खुद को भाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें ऐसे बड़े डायरेक्टर्स के साथ काम करने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि निर्देशक आपके अंदर के अभिनेता को आगे बढ़ाते हैं चुनौती देते हैं और उसकी रक्षा भी करते हैं।
साउथ की फिल्मों पर अदिति की राय
जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि साउथ की फिल्में हिंदी फिल्मों से बचने का निर्णय था इसपर अदिति ने कहा उन्हें अच्छे निर्देशकों के साथ काम करना पसंद है। उनके लिए फिल्में खूबसूरत कहानियों की तरह होती हैं जिन्हें निर्देशक सेल्युलाइड पर दिखाते हैं। अदिति के मुताबिक, कहानियां किसी भाषा से बंधी नहीं होतीं। यह निर्देशकों और उनके काम के बारे में है। जैसे हम लोग, जो बाहरी हैं, उनकी पहुंच सीमित होती है। हम सही समय पर सही मौके की तलाश में रहते हैं। अगर मणिरत्नम सर जैसा निर्देशक आपको कॉल करते हैं तो आप खुद को भाग्यशाली समझते हैं और फिर और अच्छे ऑफर भी मिलते हैं।





