नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। आमिर खान प्रोडक्शन में बनीं फिल्म लापता लेडीज ऑस्कर की रेस में लग गयी है। इस फिल्म को 29 फिल्मों के बीच ऑस्कर के लिए सेलेक्ट किया गया है। इस खबर को सुनकर जहां एक तरफ मेकर्स खुश हैं, तो वहीं सोशल मीडिया पर फिल्म के नॉमिनेशन पर विवाद छिड़ गया है।
लोगों का कहना है कि पायल कपाड़िया की फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट’ ने कान्स में जीत हासिल की, तो उसे ही ऑस्कर के लिए भेजना चाहिए। वहीं फिल्म को ऑस्कर में भेजने का डिसीजन 12 मेंबर की टीम ने लिया है और इन्हीं 12 मेंबर्स में असमिया फिल्मों के डायरेक्टर जाह्नु बरुआ इसे लीड कर रहे थे और उन्होंने ही लापता लेडीज को ऑस्कर में चुने जाने की वजह बताई है।
बरुआ ने कही ये बात
हाल ही में जाह्नु बरुआ ने एक चैनल को इंटरव्यू दिया और बताया कि जूरी को हमेशा ही एक सही फिल्म को चुनना होता है। जो हर मामले में अच्छी हो। फिल्म घरेलु होनी चाहिए और उससे समाज में एक अच्छा मैसेज जाना चाहिए साथ ही अगर देश के बाहर भी ये फिल्म देखी जाए तो भारतीय संस्कृति को दर्शाये।
वहीं आगे उन्होंने फिल्म सलेक्शन करने का सिस्टम भी बताया और कहा कि पहले हम सभी फिल्मों को सेलेक्ट करते है और अंत में एक नाम पर रुकते है जो हमें लगता है कि ये हर केटेगरी के लिए बेस्ट है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। हम सभी फिल्मों पर डिस्कशन करते रहे और ऐसे 29 फिल्म सेलेक्ट हुई और लापता लेडीज को ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया।
सिलेक्शन टीम के काम करने का ये है तरीका
जाह्नु बरुआ ने बताया की फिल्मों का सिलेक्शन पुरी तरह से जूरी मेंबर्स पर डिपेंड करता है। हम किसी के लिए भी बायस्ड नहीं होते और एकदम स्ट्रिक्टली सिलेक्शन प्रोसेस को निभाते है। हर कोई फिल्मो के सेलेक्शन को पूरे ध्यान से चेक करता है ताकि एक अच्छी फिल्मों को ही सेलेक्ट किया जा सके।
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