नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टीवी जगत में ‘क्राइम पेट्रोल’ का नाम आते ही अनूप सोनी का चेहरा सामने आ जाता है। लेकिन इस शो की पॉपुलैरिटी और सम्मान पाने से पहले अनूप सोनी ने जिंदगी में कई संघर्ष देखे। अनूप सोनी का जन्म 30 जनवरी 1975 को हुआ था। आज वह जन्मदिन मना रहे हें।नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने न केवल एक्टिंग स्किल्स सीखी, बल्कि अपनी जिंदगी को भी नया आयाम दिया। इस दौरान उन्होंने अपने डिप्रेसिव दौर और हार मानने की भावनाओं के बारे में कई खुलासे किए।
जयपुर से मुंबई तक – एक्टिंग की राह
अनूप सोनी का जन्म और पालन-पोषण जयपुर में हुआ। 13 से 20 साल की उम्र तक जयपुर में रहने के दौरान ही उन्हें एक्टिंग का शौक लगा। उन्होंने बताया कि उनके लिए एक्टिंग पहले सिर्फ डायलॉग बोलने तक सीमित थी। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में ट्रेनिंग के बाद उन्हें समझ आया कि एक्टर और इंसान के तौर पर एक्टिंग का मतलब क्या होता है।
90 के दशक में मुंबई आने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में हीरो बनना आसान नहीं है। कई बार उन्हें यह लगा कि उन्हें अब वापस जाना चाहिए। अपने शुरुआती दिनों में फाइनेंशियल स्ट्रगल, खाने का इंतजाम और करियर की अनिश्चितता उन्हें डिप्रेसिव फेज में ले गई थी।
एक्टिंग स्कूल से Sea Hawks तक – करियर की नई शुरुआत
मुश्किल दौर में भी अनूप सोनी ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक्टिंग स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान अभिनव सिन्हा के शो Sea Hawks में काम करने का मौका मिला। इस शो ने उन्हें लोकप्रियता दिलाई और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखने दिया। Sea Hawks के बाद उन्हें टीवी शो बालिका वधू और सबसे बड़ा ब्रेक क्राइम पेट्रोल मिला।
‘क्राइम पेट्रोल’ ने उनके करियर को नई उड़ान दी। 10 साल तक इस शो में काम करने के बाद अनूप सोनी ने सोसाइटी में सम्मान और पहचान हासिल की। हालांकि कई लोग उन्हें अब भी सिर्फ एंकर के तौर पर देखते थे, लेकिन उन्होंने खुद को हर रूप में साबित किया।
फिल्मों और टेलीविजन में विविधता
अनूप सोनी केवल टीवी एंकर ही नहीं, बल्कि फिल्मों में भी सक्रिय रहे। वे गंगाजल, फिजा, राज और सत्यमेव जयते 2 जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। ‘क्राइम पेट्रोल’ के साथ-साथ उन्होंने अभिनय के कई रंग दिखाए और टेलीविजन व सिनेमा दोनों ही जगह अपनी अलग पहचान बनाई।





