नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर ने हाल ही में अपने जीवन और करियर के संघर्षों पर खुलकर बातचीत की। जहां उन्होंने बताया कि, कैसे उन्होंने अपनी पहली फिल्म इश्क़ज़ादे (2012) के लिए चार साल में 50 किलो वजन कम किया, और इस कठिन समय में उनकी सबसे बड़ी मदद उनकी दिवंगत मां, फिल्म निर्माता मोना शौरी कपूर की मिली। अर्जुन ने FICCI यंग लीडर्स समिट में कहा, 50 किलो वजन कम करना मेरे लिए चार साल का सफर था। मुझे अपनी मां का समर्थन मिला, जिसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। लेकिन अधिकतर लोग ऐसे भावनात्मक या वित्तीय सहयोग के बिना यह सफर तय करते हैं।
अर्जुन ने FICCI यंग लीडर्स समिट में कहा, 50 किलो वजन कम करना मेरे लिए चार साल का लंबा सफर था। मुझे अपनी मां का समर्थन मिला, जिसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूँ। लेकिन अधिकांश लोगों को इस तरह का भावनात्मक या वित्तीय सहयोग नहीं मिलता।उन्होंने अपनी मां के निधन के बारे में भी खुलकर बात की। अर्जुन ने कहा, जब आप 25 साल की उम्र में अपनी रीढ़ खो देते हैं, तो दुनिया आपको क्या कर सकती है? मैंने इतना कुछ झेला है कि मुझे अब किसी भी चुनौती का सामना करने का आत्मविश्वास है।अर्जुन की मां, मोना शौरी कपूर, 2012 में कैंसर से जूझते हुए 48 वर्ष की उम्र में मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के कारण निधन हो गया था।
अर्जुन ने मां के निधन के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, जब आप 25 साल की उम्र में अपनी रीढ़ खो देते हैं, तो दुनिया आपको क्या कर सकती है? मैंने इतना कुछ झेला है कि मुझे अब किसी भी चुनौती का सामना करने का आत्मविश्वास है।
अभिनेता ने मानसिक स्वास्थ्य पर जोर देते हुए युवाओं से कहा कि, थेरेपी लेने में कोई शर्म नहीं है। उन्होंने कहा, सबसे मजबूत लोग वही होते हैं जो अपनी भावनाओं को स्वीकार कर सकते हैं। जब आप खुले तौर पर बात करते हैं, तो आपको अपनी समझदारी और संवेदनशीलता का एहसास होता है। थेरेपी इसका बेहतरीन माध्यम है।
अर्जुन ने अपने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि, उन्हें हाशिमोटो थायरॉइडिटिस नामक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो मेटाबॉलिज़्म को धीमा कर देती है और वजन बढ़ने का कारण बनती है। उन्होंने कहा, मेरे शरीर का सिस्टम कभी-कभी फाइट-ऑर-फ्लाइट मोड में चला जाता है, जिससे वजन तेजी से बढ़ सकता है। यह समस्या मेरे 30 साल की उम्र में शुरू हुई। मेरी मां और बहन को भी यह बीमारी है।
अर्जुन ने यह भी बताया कि, फिल्मों के साथ-साथ वजन और स्वास्थ्य की चुनौतियों को संतुलित करना उनके लिए आसान नहीं था। मैंने अपने शरीर और भावनात्मक चुनौतियों के बावजूद अपने करियर में आगे बढ़ने का प्रयास किया। यह 2015-16 का समय था, जब मैंने सात-आठ साल तक इस फिजिकल ट्रॉमा को झेला और साथ ही फिल्में भी ठीक तरह से नहीं चलीं।
वर्क फ्रंट पर अर्जुन कपूर मेरे हसबैंड की बीवी में रकुल प्रीत सिंह और भूमि पेडनेकर के साथ नजर आए थे। उनकी अगली फिल्म नो एंट्री 2 में आने वाली है।अर्जुन कपूर का यह सफर न केवल शारीरिक परिवर्तन बल्कि मानसिक मजबूती और भावनात्मक समर्थन की कहानी भी है।





