धमतरी, 9 जून ( हि. स.)। भारी बारिश होने पर जिले के सघन वनांचल में बसे 19 गांवों के ग्रामीणों के साथ नदी-नालों और पुल में बाढ़ आने की वजह से संपर्क टूट जाता है। ऐसे में इन गांवों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए शासन बारिश से पहले ही खाद्यान्न का भंडारण कर देता है, ताकि बाढ़ की स्थिति बनने व संपर्क टूटने पर इन ग्रामीणों को खाने के लाले न पड़े। जीवनयापन के लिए पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। धमतरी जिले में 12 से 15 जून के मध्य मानसून प्रवेश कर जाता है। इसके बाद यहां बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है। पिछले साल धमतरी में अच्छी बारिश हुई थी। दो बार बाढ़ की स्थिति बनी, ऐसे में लोगों की दिक्कतें बढ़ गई थी। इस साल भी अच्छी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने खाद्य विभाग के माध्यम से नगरी ब्लाक के सघन वनांचल में बसे गांवों में खाद्यान्न का आबंटन पहले से कर दिया है, क्योंकि इस क्षेत्र में 19 ऐसे गांव है, जहां अधिक बारिश होने पर बाढ़ की स्थिति बनती है और इन गांवों से जिला प्रशासन के साथ पूरी तरह से संपर्क टूट जाता है। पुल, नदी-नाले और रास्तों में अधिक पानी होने की वजह से ग्रामीण एक-दूसरे गांव तक नहीं आ जा सकते। इसे देखते हुए इस क्षेत्र के राशन दुकानों में खाद्यान्न का आबंटन खाद्य विभाग ने बारिश शुरू होने से पहले ही कर दिया है। जिला खाद्य अधिकारी बीके कोर्राम ने बताया कि धमतरी जिले के नगरी ब्लाक अंतर्गत सघन वनांचल में बसे ग्राम रिसगांव, खल्लारी और करही में राशन दुकान संचालित हैं। इन गांवों के जुड़े 19 गांव है, जहां 1113 राशनकार्डधारी है। अधिक बारिश होने पर इन ग्रामीणों की परेशानी बढ़ जाती है, ऐसे में इनकी सुविधा के अनुसार इन राशन दुकानों में जहां ग्रामीण बारिश में भी पहुंच जाते हैं, यहां पूरे बारिश माह के लिए खाद्यान्न का आबंटन पहले से कर दिया गया है। रिसगांव दुकान में सात गांव, खल्लारी दुकान से सात गांव और करही से सात गांवों के ग्रामीण राशनकार्ड से खाद्य सामग्री ले जाते हैं। राशन दुकानों में चावल, शक्कर, चना, नमक, केरोसिन का भंडारण किया गया है। राशनकार्डधारी भंडारण के बाद खाद्य सामग्री का राशन दुकानों से उठाव भी शुरू कर दिया है, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन




