अपडेट… कोटा, 26 जून (हि.स.)। पुलिस विभाग में एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा होने से पुलिस की छवि गिरती जा रही है। शुक्रवार को कोटा एसीबी की टीम ने सांगोद थाने में तैनात कांस्टेबल को 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ ट्रेप किया, ट्रेप की कार्रवाई के दौरान आरोपित कांस्टेबल का साला रिश्वत राशि लेकर एसीबी की टीम को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपित कॉन्स्टेबल ने रिश्वत राशि थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक प्रकरण में परिवादी को गिरफ्तार नहीं करने की एवज में अनुसंधान अधिकारी सांगोद थानाधिकारी जयराम जाट के लिए लेना स्वीकार किया। रिश्वत का मामला उजागर कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने रिश्वत मामले में गिरफ्तार कांस्टेबल व सांगोद थानाधिकारी को निलंबित करने के आदेश जारी किये है। परिवादी सांगोद निवासी लक्ष्मीनारायण व कोटा न्यू जवाहर नगर निवासी जय कुमार शर्मा के विरुद्ध कोटा ग्रामीण सांगोद के थाने में धोखाधड़ी के मामले में प्रकरण दर्ज था। जिसके अनुसंधान थानाधिकारी जयराम जाट द्वारा किया जा रहा था और कॉन्स्टेबल दिनेश मीणा रीडर का कार्य कर देख रहा था। उसने परिवादी लक्ष्मीनारायण को गिरफ्तार करने की धमकी देकर पूर्व में 10 हजार रुपये लिए तथा हाईकोर्ट की रोक के आदेश के बावजूद परिवादी को गिरफ्तार करने की धमकी देकर परिवादी लक्ष्मीनारायण से 10 हजार रुपये और दूसरे परिवादी जय कुमार शर्मा से 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। परिवादी जय कुमार शर्मा ने की गुज़ारिश पर 50 हजार रुपये में मामला तय हुआ। जिसमे 10 हजार कांस्टेबल दिनेश ने स्वयं के लिए व 40 हजार रुपये सीआई जयराम को देना था। परिवादी ने 9 जून को एसीबी कोटा कार्यालय पर मामले की शिकायत दर्ज करवाई। जिस पर एसीबी की टीम ने 10 जून को ट्रैप की कार्रवाई का आयोजन किया था। लेकिन टेप की कार्रवाई के दौरान परिवादी लक्ष्मीनारायण, दूसरे परिवादी जय कुमार शर्मा और आरोपी कांस्टेबल के बीच पैसे लेनदेन को लेकर वार्ता हुई। आरोपित सीआई जयराम जाट और कांस्टेबल दिनेश मीणा 25 जून को कोटा पहुंचे और परिवादी जय कुमार को रिश्वत राशि लेकर शाम को मिलने के लिए कहा। जिस पर एसीबी की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की। आरोपित कांस्टेबल दिनेश मीणा ने उसके साले मोहित मीणा को पैसे लेने के लिए परिवादी के घर के पास भेजा जहां एसीबी की टीम पहले से मौजूद थी। मोहित को देखकर परिवादी जय कुमार शर्मा ने कांस्टेबल को फोन कर राशि को ही देने की बात कही। जिसके बाद आरोपित कांस्टेबल दिनेश मीणा अपने साले मोहित मीणा के साथ मोटरसाइकिल पर पहुंचा। जहां उसने रिश्वत राशि 11 हजार रुपये साले मोहित को देने के लिए कहा। परिवादी का इशारा पाते ही एसीबी की टीम ने आरोपित कांस्टेबल को मोटरसाइकिल सहित पकड़ा लेकिन उसका साला मोहित अंधेरे का फायदा उठाकर मोके से फरार हो गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार ने बताया कि आरोपित कॉन्स्टेबल ने परिवादी लक्ष्मीनारायण व सह परिवादी जय कुमार शर्मा से रिश्वत की मांग करना व रिश्वत राशि मुकदमे में अनुसंधान अधिकारी सांगोद सीआई जयराम के कहने पर लेना बताया है। जिस पर आरोपित कॉन्स्टेबल की थानाधिकारी के मोबाइल पर वार्ता करवाई गई। जिसमे परिवादी जयकुमार द्वारा 11 हजार रुपये अभी और शेष 40 हजार रुपये बाद में देने के लिए कहा गया। जब एसीबी की टीम थानाधिकारी की तलाश में सांगोद पहुंची तो वहां से थानाधिकारी फरार हो गया। एसीबी की टीम आरोपी थानाधिकारी और मोहित मीणा की गिरफ्तारी को लेकर संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार/राकेश शर्मा/ ईश्वर




